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अलवर में नाबालिग के साथ हुई घटना को लेकर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा है कि, इस मामले में राजनीतिक दलों की तरफ से अनर्गल बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शुक्रवार को कहा कि अलवर (Alwar) जिले में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग के बदहाल और घायल अवस्था में मिलने के मामले में राजनीतिक दलों को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा कि पुलिस को स्वतंत्र रूप से मामले की जांच पूरी करने देनी चाहिए। शुक्रवार रात मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि, ”पुलिस ने शुक्रवार को मेडिकल रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता से दुष्कर्म की संभावना नहीं है। हालांकि पुलिस को अभी ये पता नहीं लगा है कि नाबालिग को इतनी गंभीर चोटें कैसे आईं?”

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अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए 
सीएम गहलोत ने आगे कहा कि, ”अलवर में विमंदित (मानसिक रूप से कमजोर) बालिका के प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसपी अलवर और बालिका का इलाज कर रहे वरिष्ठ डॉक्टरों से संपर्क बना हुआ है। पुलिस महानिदेशक को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अनुसंधान कर शीघ्र मामले की तह तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। अलवर एसपी की सहायता के लिए राज्य स्तर से उप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में अनुसंधान के लिए अलग से टीम भेजी गई है।” मुख्यमंत्री के अनुसार, ”इस प्रकरण में राजनीतिक दलों की तरफ से अनर्गल बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए. पुलिस को स्वतंत्र रूप से अनुसंधान शीघ्र पूर्ण करने देना चाहिए। अनुसंधान के नतीजे तक पहुंचने के बाद ही टिप्पणी करना न्यायोचित होगा। ”

 

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रेप की आशंका से इनकार
गौरतलब है कि, बच्ची मंगलवार को अपने घर से घंटों लापता रहने के बाद घायल अवस्था में अलवर के तिजारा पुल के पास मिली थी। उसे तत्काल अलवर के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां से उसे जयपुर के लिए रेफर कर दिया। बुधवार को डॉक्टरों ने उसकी लंबी और जटिल सर्जरी की। अलवर की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने शुक्रवार को संवादाताओं से बातचीत में कहा था कि मेडिकल विशेषज्ञों की टीम ने पुलिस को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें बच्ची के साथ रेप की आशंका से इनकार किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक ये पता नहीं चला है कि 14 वर्षीय बच्ची को इतनी गंभीर चोटें कैसे आई।