English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-01-03 124825

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की राजनीतिक रैलियो में मची भगदड़ के बाद प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने नेशनल हाइवे और स्‍टेट हाइवे पर राजनीतिक रैली और राजनीतिक बैठक आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी है।

 

तेलुगूदेशम पार्टी की ओर से कंडुकुर और गुंटूर में हाल में आयोजित रैलियों में भगदड़ मच गई थी। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी चली गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे। दोनों घटनाओं को देखते हुए आंध्र सरकार ने राजनीतिक रैलियों को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया है। जगन मोहन सरकार के इस आदेश पर बवाल मच गया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर यह आदेश जारी किया है, जिससे विपक्षी पार्टियों की ओर से होने वाली रैलियों और पदयात्राओं को दबाया जा सके।

Also read:  CBSE Class 10, 12 Date Sheet 2021: शिक्षा मंत्री ने जारी की सीबीएसई बोर्ड 10वीं-12वीं डेटशीट

विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी की ओर से कंडुकुर और गुंटूर में राजनीतिक रैलियां आयोजित की गई थीं। नेल्‍लोर जिले के कंडुकुर जिले में मची भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, टीडीपी की ओर से गुंटूर में आयोजित रेली में भी भगदड़ मच गई थी। इसमें भी 3 लोगों की मौत हो गई थी, कई अन्‍य घायल भी हुए थे। लगातार दो राजनीतिक रैलियों में भगदड़ मचने की घटना के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई और नया दिशा-निर्देश जारी किया है। गृह विभाग की ओर से इस बाबत सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्‍पष्‍ट कहा गया है कि नेशनल हाइवे और स्‍टेट हाइवे या इनके बगल में किसी भी तरह की राजनीतिक रैलियों या बैठकों की अनुमति न दी जाए। इस आदेश में पंचायत और नगर निगम की सड़कों पर भी राजनीतिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है। हालांकि, यहां शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकती है।

Also read:  पीएम मोदी के नेपाल यात्रा से पहले नेपाल सीमा पर बड़ी चौकसी, घुसपैठ करने वालों की, की जा रही निगरानी