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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने एक बयान में एनआरसी लागू करने को लेकर संकेत दिए हैं।

 

शुक्रवार को सीएम ने कहा, “उनकी सरकार राष्ट्रीय नागारिक रजिस्टर (एनआरसी) पेश करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की जरूरत है।” दरअसल, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी इम्फाल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान वालों के जवाब में कहा, “एनआरसी को अकेले राज्य सरकार द्वराा पेश नहीं किया जा सकता है, इसके लिए केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता है।”

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मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग का गठन पहले ही कर दिया गया है और यह राज्य में अप्रवासियों की पहचान करेगा। हमने पहले ही सदस्यों की नियुक्ति कर दी है और अब इसके माध्यम से राज्यों में अप्रवासियों की पहचान की जाएगी।

सीएम बीरेन सिंह का कहना है कि इस तरह से राज्य में रह रहे अवैध अप्रवासियों की पहचान संभव हो सकेगी और घर-घर जाकर सर्वेक्षण के आधार पर उनकी पहचान की जाएगी। ये काम राज्य में बहुत जल्द शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का ये बयान ऐसे में वक्त में आया है जब 29 मार्च को हजारों की संख्या में महिलाओं ने राज्य में एनआरसी को लागू करने की मांग को लेकर एक विशाल रैली की थी।

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ये रैली सीएम सचिवालय की ओर से ख्वाइरामबंद कैथेल तक की गई। जानकारी के अनुसार, छात्र निकाय और विभिन्न नागारिक समाज संगठन विशेष रूप से राज्य में अवैध अप्रवासियों की आबादी में अनियंत्रित वृद्धि को देखते हुए एनआरसी की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर छह छात्र संगठनों जिसमें एएमएसयू, एमएसएफ, केएसए, एसयूके, डीईएसएएम और एआईएम के छात्र शामिल हैं और इन्होंने राजधानी शहर के बीचोबीच स्थित इम्फाल के ख्वाइरामबंद कीथेल में एक प्रदर्शन किया।

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