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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव की तैयारी में है। लोकसभा चुनाव-2024 से पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। अन्य राज्यों में अपनी व्यस्तता के चलते पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा उत्तर प्रदेश की प्रभारी होने का दायित्व जल्द छोड़ेंगी।

इसी माह उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त हो सकता है। नए प्रदेश प्रभारी के तौर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तारिक अनवर के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय संगठन कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा कर रहा है।

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पार्टी हरीश रावत के माध्यम से कांग्रेस लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पहाड़ी समाज के वाेट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास कर सकती है। वहीं पार्टी अनुभवी नेता तारिक अनवर के माध्यम से मुस्लिम मतों को हथियाने का दांव भी खेल सकती है।

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में नये प्रभारी की तैनाती महत्वपूर्ण होगी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी का भी लोकसभा चुनाव तक बने रहना तय माना जा रहा है।

कांग्रेस ने प्रदेश में पिछला विधानसभा चुनाव प्रियंका वाड्रा की अगुवाई में लड़ा था। हालांकि अपना जनाधार बचाए रखने के लिए कांग्रेस कुछ खास नहीं कर सकी थी। अब आने वाले दिनों में प्रियंका वाड्रा की दूसरे राज्यों में व्यस्तता को देखते हुए पार्टी उत्तर प्रदेश में नए प्रभारी की तैनाती को लेकर मंथन अंतिम चरण में है।

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पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश से आने के बाद कई निर्णयों पर अंतिम मुहर लगेगी। दरअसल, निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस में अंतरकलह सामने आई थी। बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कई जिलों में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष नियुक्ति किए थे।

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इनमें झांसी व जौनपुर के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। इसे लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी पत्र सामने आया था। बड़ों के बीच खींचतान फिर सामने आई थी। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष खाबरी को दिल्ली बुला लिया गया था।

वह तीन दिन दिल्ली में रहे और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वेणुगोपाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संकेत यही हैं कि खाबरी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। जल्द ही नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी होना है।