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नई दिल्ली: Farmer Protest : कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर्स पर किसानों का आंदोलन जारी है. किसान आंदोलन को अब तक 70 दिन पूरे हो चुके हैं, आज 71वां दिन है. किसान अपनी मांगों को लेकर अभी भी अडिग हैं. किसानों का कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानून वापस लें. गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद से जहां किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं. दिल्ली के बाहरी इलाकों में निरंतर इंटरनेट को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रदर्शनस्थलों के आसपास भारी बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगा दी गई है. इस पर किसान नेताओं और कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा है. किसान नेताओं का कहना है कि सरकार के ऐसे कदमों से बातचीत के लिए अनुकूल माहौल नहीं बन पाएगा. वहीं, इस मुद्दे को लेकर संसद में भी भारी हंगामा हुआ है. बता दें, गणतंत्र दिवस के हंगामे से पहले किसानों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला था. अब देखना ये है कि क्या सरकार दोबारा किसानों के साथ वार्ता की शुरुआत करेगी या फिर निकालेगी कोई और समाधान.

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किसान संगठनों की एक संयुक्त संस्था, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जोगिंदर सिंह उग्राहा मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से मिलने पहुंचे. गाजीपुर बॉर्डर किसान आंदोलन का नया केंद्र बन चुका है. नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर हजारों किसान गाजीपुर में नवंबर से ही डटे हुए हैं.

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर सीमेंट के अवरोधक, कंटीले तार और सड़कों पर लोहे की कीलें लगाये जाने के साथ बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनात किये जाने के बीच नये कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को संसद में हंगामा किया. पिछले साल सितंबर में लागू किये गये केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों पर चर्चा कराने की मांग करते हुए विपक्ष के सदस्यों ने आज संसद की कार्यवाही में बाधा डाली, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन स्थलों के निकट पुलिस द्वारा सीमेंट एवं कंटीले तार के अवरोधक बनाए जाने को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसे दीवार की बजाय पुल बनवाने चाहिए. उन्होंने किसान आंदोलन के संबंध में ट्वीट करने वालों के हैंडल ब्लॉक करने को लेकर भी सरकार की आलोचना की.

संयुक्त किसान मोर्चा के एक शिष्टमंडल ने मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के विरूद्ध कथित ‘षड्यंत्र’ की न्यायिक जांच कराने का उनसे आग्रह किया. मोर्चा के नेताओं ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली सरकार ने उन्हें सूचित किया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार 115 किसान तिहाड़ जेल में बंद हैं और मोर्चा ने सभी की मेडिकल बोर्ड से चिकित्सकिय परीक्षण कराने की मांग की.

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वहीं, किसान आंदोलन का विरोध कर रहे गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कई गावों ने बहिष्कार किया है. मंगलवार को लोनी बॉर्डर के बेहटा हाजीपुर में बैठक हुई. बैठक में ग्रामीणों ने विधायक के बहिष्कार का फैसला किया. अब तक करीब 5 से ज़्यादा गांव बहिष्कार कर चुके हैं. नंद किशोर पिछले हफ़्ते अपने लोगों को लेकर राकेश टिकैत से ग़ाज़ीपुर बार्डर खाली कराने गए थे.

ट्विटर ने सोमवार को कुछ देर तक ब्लॉक रखने के बाद कई हैंडल को बहाल कर दिया है. सरकार ने ट्विटर से 250 हैंडल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था, जिन पर किसान आंदोलन से संबंधित कथित रूप से “झूठे और भड़काऊ सामग्री” पोस्ट की गई थी. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. ब्लॉक किए गए अकाउंट में किसान एकता मोर्चा और बीकेयू एकता उग्राहा के अकाउंट भी शामिल थे, जिनके हजारों फॉलोअर हैं और जारी विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे है.