English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली: 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को कोविड-19 पर रणनीति (Covid-19 strategy meet) को लेकर आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में निर्देश दिया कि सभी को कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 5% के नीचे ले आने की कोशिश करनी चाहिए. पीएम ने कोरोना के लिए किए जाने वाले RT-PCR टेस्ट की संख्या भी बढ़ाने को कहा है. फिलहाल कोविड के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट और RT-PCR टेस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या ज्यादा है.

Also read:  पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 19079 नए मामले, रिकवरी रेट 96 फीसदी से ऊपर

प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 रणनीति संबंधी फीडबैक लिखित में साझा करने का आह्वान किया और कहा कि कोई भी अपना विचार थोप नहीं सकता और सभी को मिलकर काम करना होगा. मोदी ने बैठक में मुख्यमंत्रियों को बताया कि चिकित्सा महाविद्यालयों और जिला अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति की कोशिश की जा रही है और पीएम केयर्स कोष का इस्तेमाल वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए किया गया है.

Also read:  चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश के मंत्री मोहन यादव को 'अभद्र भाषा' का इस्तेमाल करने के लिए एक दिन के लिए उपचुनाव अभियान से रोक लगाया

कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएम ने कहा कि ‘कोविड से निपटने के मामले में कुछ लोगों का लापरवाह नजरिया देखने को मिला है, हमें फिर से जागरूकता फैलाने के लिए काम करना होगा.’

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम ने मीटिंग में कोरोना की वैक्सीन पर बोलते हुए कहा कि ‘वैक्सीन (Corona Vaccine) कब आएगी, इसका समय हम तय नहीं कर सकते. यह आपके और हमारे हाथ में नहीं है. वैज्ञानिकों के हाथ में है. कुछ लोग इसे लेकर राजनीति करते हैं. राजनीति करने से किसी को रोका नहीं जा सकता है.’

Also read:  योगी को उनके गढ़ में चुनौती देने की तैयारी में 'आप', केजरीवाल बोले- 2022 के चुनाव के लिए तैयार