English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-19 212544

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक के ट्विन टावरों को गिराने के लिए मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण में फाइनल बैठक हुई।

 

एडिफिस कंपनी और जेट डिमोलिशन ने डिबरीस मैनेजमेंट प्लान प्रस्तुत किया। इसके तहत ब्लास्ट के बाद निकलने वाले मलबे का क्या किया जाएगा और उसे कहा कहा रखा जाएगा बताया गया।

इस प्लान से प्राधिकरण संतुष्ट नहीं दिखा और उन्होंने एडिफिस को किसी बड़े प्लाट को सर्च करने के लिए कहा। जहां डिबरीस को रखा जाएगा। ब्लास्ट के बाद करीब 21 हजार मैट्रिक टन मलबा निकलेगा। मलबे के निस्तारण के लिए अलग से प्लांट लगाया जाएगा। क्योंकि मौजूदा समय में जो प्लांट चल रहा है उसकी क्षमता रोजाना की 300 मेट्रिक टन के आसपास है। जहां शहर के मलबे का निस्तारण किया जाता है। बैठक में नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, सीबीआरआई, गेल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा सुपरटेक के आईआरपी भी मौजूद रहे।

Also read:  ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोधियों को करारा जवाब, बोले-पानीपत की लड़ाई में सिंधिया परिवार की भूमिका

डिबरीस को ऐसे करेंगे एकत्रित

डिबरीस को एकत्रित करने के लिए बेसमेंट के चारो ओर 4.5 और 7.5 मीटर की स्टील से इमारत को कवर किया जाएगा। इसके अलावा 30 मीटर ऊचे कंटेनर रखे जाएंगे। साथ ही ब्लास्ट होने वाले कॉलम को जियो टैक्सटाइल फाइबर से कवर किया गया है। ताकि डिबरीस बाहर न आए। अभी नौ कॉलम का काम बाकी है। जिसे तीन दिन में पूरा कर लिया जाएगा।

आरडब्ल्यूए की स्ट्रक्चरल आडिट रिपोर्ट देखेंगे

सुपरटेक ने स्ट्रक्चरल आडिट कराने से मना कर दिया था। आरडब्ल्यूए ने खुद एक निजी कंपनी से स्ट्रक्चरल आडिट कराया था। प्राधिकरण ने सीबीआरआई से कहा कि इसी रिपोर्ट को आधार मानकर देखा जाए कि आसपास की इमारत कितनी मजबूत है और क्या उनमे मरम्मत की आवश्यकता है।

Also read:  SC ने फीफा वर्ल्ड कप कतर 2022 से पहले फैन एंगेजमेंट सेंटर लॉन्च किया

2600 लोगों को छोडऩा होगा फ्लैट

सुपरटेक में दोनों टावरों के अलावा 14 टावर और उसके साथ एटीएस में टावर है। ब्लास्ट के दिन यानी 21 अगस्त को ब्लास्ट से तीन घंटे पहले ही सभी टावरों के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को बाहर कर दिया जाएगा। ब्लास्ट के दो घंटे बाद वे अपने फ्लैट में जा सकेंगे।

दो अगस्त से लगाया जाएगा विस्फोटक

बैठक में जेट डिमोलिशन ने बताया कि दो अगस्त से 10 हजार से छेदों में विस्फोटक लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद पूरे एरिया को सील किया जाएगा। यहा पुलिस की तैनाती रहेगी साथ अंदर जाने में सख्ती बरती जाएगी। 18 दिन यानी 20 अगस्त तक विस्फोटक लगा दिया जाएगा। 20 अगस्त की शाम को फाइनल विजिट होगी। विस्फोटक लाने के लिए पुलिस से दो दिन में एनओसी मिल जाएगी।

Also read:  वरुण गांधी ने 'मुफ्त की रेवड़ी' को लेकर अपनी सरकार पर उठाए सवाल, पूछा- 'आखिर सरकारी खजाने पर पहला हक किसका?'

21 अगस्त को ढाई बजे होगा ब्लास्ट

बैठक में बताया कि 21 अगस्त को दोपहर ढाई बजे इमारतों को ब्लास्ट किया जाएगा। ब्लास्ट के दौरान सिर्फ पांच लोग ही मौजूद रहेंगे। इसमे एडिफिस के एक , जेट डिमोलिशन के तीन और एक पुलिस प्रशासन का अधिकारी रहेगा।