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नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलित किसान आज दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। खुफिया इनपुट के बाद सभी सीमाओं पर पहरा सख्त कर दिया गया है। सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश संभव होगा और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दूसरी ओर कामा-पलवल की तरफ से बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली आने की सूचना के बाद बदरपुर बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह एक बार फिर सुरक्षा बढ़ा दी गई। फरीदाबाद की तरफ से आने वाले एक-एक वाहन को चेक किया गया कि कहीं उनमें किसान तो नहीं हैं। इसके अलावा नूंह, मेवात की ओर से भी किसानों के दिल्ली की ओर कूच करने की सूचना मिली थी, जिस कारण आया नगर और एनएच-8 के रजोकरी बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई।
दक्षिण-पूर्व के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात सूचना मिली थी कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की नेतृत्व में राजस्थान के कामा से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। इसके बाद बदरपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुक्रवार सुबह ही बॉर्डर पर पहुंच गए।

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हालांकि, यहां पहले से ही कटीले तारों वाली बैरिकेडिंग, जर्सी बैरियर, कंटेनर, डंपर और वाटर कैनन लगा रखे हैं। यहां सुबह से ही फरीदाबाद से आने वाले वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई। वाहन रुकने की वजह से फरीदाबाद की ओर जाम भी लगा रहा। जब जाम लंबा हो जाता था तो पुलिसकर्मी चेकिंग बंद कर देते थे।

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दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नूंह, मेवात की ओर से किसानों के आने की सूचना भी थी। इसलिए आया नगर और रजोकरी बॉर्डर पर भी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई। आया नगर में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अर्द्घसैनिक बलों के जवान तैनात थे। रजोकरी बॉर्डर पर 120 पुलिसकर्मी तैनात रहे। यहां भी गुरुग्राम की तरफ से आने वाले वाहनों को चेक किया जा रहा था।

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इस वजह से गुरुग्राम से दिल्ली आने वाले कैरिज्वे पर गुरुग्राम की ओर जाम लग रहा था। यहां पर मिट्टी से भरे डंपर भी खड़े हुए थे, ताकि किसान अगर ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश करें तो डंपर को बीच सड़क पर खड़ा कर रास्ता रोक दिया जाए। हालांकि, शाम तक किसान इन बॉर्डरों पर नहीं पहुंचे।