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नई दिल्ली: 

ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेज़ॉन पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल से जुड़ी संसदीय समिति के सामने पेश होने से इंकार कर दिया है. संसद से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

अमेजॉन के प्रतिनिधियों को पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 से जुड़ी संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष पेश होना था. संसदीय समिति ने एकमत से यह राय बनाई कि अगर अमेजॉन के प्रतिनिधि 28 अक्टूबर को पेश नहीं होते हैं तो उनकी गैरमौजूदगी को गंभीरता से लिया जाएगा. संसद के सूत्रों ने कहा कि इसको लेकर अमेजॉन के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. इसे संसद के विशेषाधिकार का हनन माना जा सकता है.

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एक अन्य खबर के मुताबिक, फेसबुक इंडिया के अधिकारी शुक्रवार को संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष इस मसले पर पेश हुए. डेटा प्रोटेक्शन बिल पर अपना पक्ष रखने को लेकर यह बैठक दो घंटे तक चली. बैठक में फेसबुक इंडिया का प्रतिनिधित्व पॉलिसी हेड अंखी दास और बिजनेस हेड अजित मोहन ने किया. उन्हें स्पष्ट तौर पर बताया गया कि वे किसी भी भारतीय नागरिक का डेटा प्रचार, कारोबार या चुनाव के दौरान आनुमानिक तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकते.

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सूत्रों का कहना है कि सांसदों ने फेसबुक के अधिकारियों से पूछा कि वे अपने राजस्व का कितना हिस्सा यूजर्स के डेटा प्रोटेक्शन पर खर्च करते हैं. उनसे फेसबुक के कुल राजस्व के बारे में भी मालूमात की गई. कितना टैक्स वे चुकाते हैं, इसकी जानकारी भी मांगी गई.

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