English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली: 

बिहार विधान सभा की 243 सीटों के साथ-साथ 11 राज्यों की कुल 56 विधान सभा सीटों और बिहार की एक संसदीय सीट वाल्मीकिनगर में हुए उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. इन नतीजों के साथ ही देश और कई राज्यों की राजनीति की दशा और दिशा तय हो सकेगी. इन चुनाव परिणामों से यह भी तय होगा कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार-2.0 और भाजपा के प्रति अभी भी लोगों का आकर्षण बरकरार है या नहीं?

एग्जिट पोल के रुझानों में बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन को बढ़त मिलता हुआ दिखाया गया है. अगर ये रुझान चुनाव नतीजों में तब्दील होते हैं तब राज्य में 15 साल पुरानी एनडीए सरकार न सिर्फ गिरेगी बल्कि एनडीए के सियासी समीकरण में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. कई दलों में टूट-फूट की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. इसके साथ ही बीजेपी, जो अबतक नंबर तीन की पार्टी रह रही थी, सीधे नंबर दो पर आकर मुख्य विपक्षी पार्टी बन सकती है.

Also read:  छात्रों के विदेश में होने वाले पलायन को थामने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया, यूजीसी ने विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझा कोर्स शुरू करने को दी मंजूरी

बहरहाल, जिन 11 राज्यों की 56 विधान सभा सीटों पर उप चुनाव हुए हैं. उनमें मध्य प्रदेश की 28, गुजरात की आठ, उत्तर प्रदेश की सात, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड, नागालैंड और मणिपुर की दो-दो सीटें शामिल हैं. इनके अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना और हरियाणा की एक-एक सीट भी शामिल है. इनके अलावा बिहार की वाल्मीकिनगर संसदीय सीट पर भी 7 नवंबर को उपचुनाव हुए हैं. जेडीयू सांसद वैद्यनाथ महतो के निधन से ये सीट खाली हुई थी.

Also read:  उत्तराखंड को मिला नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष, भुवन कापड़ी को मिला ये इनाम

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उप चुनाव हुए हैं. ये चुनाव राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार के लिए बेहद अहम है. इसके नतीजे पर चौहान सरकार टिकी है. उसे विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम नौ सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी. फिलहाल 230  सदस्यों वाली एमपी असेंबली में भाजपा के 105 विधायक हैं. बहुमत के लिए 116 की जरूरत है. इसके अलावा यह उप चुनाव राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी सियासी किस्मत का फैसला करेगा.

किन-किन सीटों पर विधानसभा उपचुनाव:

Also read:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में राष्ट्रीय महापौर सम्मेलन' का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया, बोले- 'क्वालिटी से कभी कंप्रोमाइज न होने दें'

मध्य प्रदेश (28 सीटें) – जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, डबरा, भाण्डेर, करेरा, पोहरी, बमोरी, अशोक नगर, मुंगावली, सुरखी, मल्हारा (मलेहरा), अनूपपुर, सांची, ब्यावरा, आगर, हाटपिपलिया, मांधाता, नेपानगर, बदनावर, सांवेर और सुवासरा.

गुजरात (8 सीटें) – अबदासा, लिम्बड़ी, मोरबी, धारी, गढड़ा, करजण, डांग और कपराड़ा

उत्तर प्रदेश (7 सीटें) – नौगांवा सादात, बुलंदशहर, टुंडला, बांगरमऊ, घाटमपुर, देवरिया और मल्हानी

कर्नाटक (2 सीटें) – सीरा, राजराजेश्वरीनगर

ओडिशा (2 सीटें) – बालासोर, तिरतोल

झारखंड (2 सीटें) – दुमका, बेरमो

नागालैंड (2 सीटें) – दक्षिणी अन्गामी, पुंगरो-किफिरे

छत्तीसगढ़ (1 सीट) – मरवाही

तेलंगाना (1 सीट) – दुब्बक

हरियाणा (1 सीट) – बरोदा

मणिपुर (2 सीटें) – लिलोंग, वांगजिंग तेंथा