English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-08-31 103714

कार्तिकेय सिंह को बाहुबली अनंत सिंह का बेहद करीबी माना जाता हैकार्तिकेय सिंह को गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया हैशमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है

 

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्तिकेय सिंह से कानून मंत्रालय वापस ले लिया है। बाहुबली अनंत सिंह के करीबी माने जाने वाले कार्तिकेय सिंह को पद से हटाते हुए अब उन्हें गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया है। अपहरण के एक पुराने मामले में आरोपी कार्तिकेय सिंह को लेकर भाजपा पहले दिन से ही हमलावर थी। हालांकि कार्तिकेय सिंह के मंत्री पद पर कोई आंच नहीं आई है। सिर्फ उनके विभाग में बदलाव किया गया है। कार्तिकेय सिंह की जगह अब गन्ना उद्योग मंत्री शमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है। इस संबंध मे आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

Also read:  देश में बनी हीटवेव की स्थिति, IMD ने पश्चिम बंगाल, बिहार और आंध्र प्रदेश में उच्च तापमान के लिए जारी किया ऑरेंज आलर्ट

क्या था विवाद

भाजपा का साथ छोड़कर नीतीश कुमार ने राजद के साथ बिहार में सरकार बनाई थी। नई सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार 16 अगस्त को हुआ था। इस दौरान राजद कोटे से मंत्री बनने वाले कार्तिकेय सिंह के शपथ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्तिकेय सिंह को अपहरण के एक मामले में 16 अगस्त को अदालत में आत्मसमर्पण करना था लेकिन वह नई सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेते देखे गए।

कार्तिकेय सिंह और 17 अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला साल 2014 में पटना के बिहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। कार्तिकेय सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यापारी को अगवा किया था। मोकामा के रहने वाले कार्तिकेय सिंह राजद के एमएलसी हैं और पेशे से शिक्षक हैं। कार्तिकेय सिंह को बाहुबली अनंत सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। व्यापारी अपहरण मामले में कार्तिकेय सिंह के साथ अनंत सिंह भी सह आरोपी भी हैं।

Also read:  राहुत गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार पर बोला हमला, कहा-या तो सरकार के गुणगान गाओ, या जेल के चक्कर काटो'

कार्तिकेय सिंह को लेकर नीतीश कुमार पर राजद और तेजस्वी यादव के सामने आत्मसमर्पण करने के भी आरोप लगे। कहा गया कि राजद के साथ गठबंधन में नीतीश कुमार के हाथ में कोई ताकत नहीं है। सारे फैसले लालू यादव और तेजस्वी कर रहे हैं। अब इस फैसले को नीतीश कुमार के एक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि अभी भी फैसले लेने की शक्ति मुख्यमंत्री के हाथ में ही है।

Also read:  Coronavirus Vaccination: पूरे देश को मुफ्त वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का बड़ा एलान

बिहार सरकार के एक और मंत्री सुधाकर सिंह पर भी 2013 में करोड़ों रुपये के चावल का गबन करने का आरोप लगा है। सुधाकर सिंह फिलहाल कृषि मंत्री भी हैं। हालांकि, सुधाकर सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। सुधाकर सिंह भी राजद कोटे से मंत्री हैं। वह राजद के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं। सुधाकर सिंह बक्सर की रामगढ़ सीट से विधायक हैं।