English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-07 080551

बिहार के बालिका सुधार गृह पर पहले से कई आरोप लगते रहे हैं। यहां पर सेक्स स्कैंडल से लेकर तरह तरह के मामले सामने आ चुके हैं। अब एक थानाध्यक्ष का ऐसा ऑडियो वायरल हो रहा है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार के सुधार गृहों की हालत बेहद खराब है।

 

यहां की लड़कियों के साथ हर शाम क्या-क्या होता है, इसका इशारा भर किया गया है। ऑडियो वायरल होने के साथ ही थानाध्यक्ष को निलंबित भी कर दिया गया है। मामला बेतिया जिले के बैरिया का है।

बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की और बालिग लड़का आपस में प्रेम करते थे और दोनों घर से भाग गए थे। 25 मार्च को लड़की के पिता ने अपहरण का आरोप बैरिया थाना के चौकीदार शम्भू साह के पुत्र सुधीर पर लगा था। परिजनों ने आवेदन दिया तो पुलिस ने आनाकानी करते हुए केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित परिवार एसपी से मिला। इसके बाद केस दर्ज हुआ। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया और न्यायालय में उसका बयान भी करवा लिया।

Also read:  देश की अर्थव्यवस्था पर बोले आरबीआई गवर्नर, कोरोना महामारी युद्ध से वैश्विक परिस्तिथियां प्रभावित हुई हैं

परिजनों ने लड़की को अपने साथ नहीं ले जाना चाहते थे। पुलिस की तरफ से जबरन लड़की को उसके घर भेजने के लिए दवाब बनाया जाने लगा। थानाध्यक्ष दुष्यंत कुमार ने इस दौरान रिमांड होम की हकीकत बताकर लड़की के घरवावों को डराने का प्रयास किया। वायरल ऑडियो में थानाध्यक्ष लड़की के परिजनों को नसीहत देते हुए बता रहे हैं कि रिमांड होम में लड़कियों के साथ अनैतिक काम होते हैं। हर शाम बड़ी बड़ी गाड़ियों से लड़कियों को बाहर भेजा जाता है।

Also read:  आसनसोल से टीएमसी प्रत्याशी, शत्रुध्न सिन्हा को देखने को उमड़ा जन सैलाब

दारोगा लड़की के परिजन को बताते हैं कि केस दर्ज होने के बाद मेरे हाथ में कुछ नहीं रहेगा। अभी वह 14 साल की है। चार साल तक रिमांड होम में रहेगी। 18 साल की होने पर उससे पूछा जाएगा कि कहां जाना चाहती है। चार साल तक हर शाम उसे बड़ी बड़ी गाड़ियों में बैठाकर भेज दिया जाएगा। पेपर में हमेशा निकलता है कि रिमांड होम में क्या होता है। रोज रात में नेता के साथ सोएगी। हम नहीं चाहते कि कोई लड़की रिमांड होम जाए। रिमांड होम की लड़की से कोई विवाह नहीं करना चाहता है। कानून दोधारी तलवार होता है। सही कटा तो सही नहीं कुछ भी हो सकता है।

Also read:  MoH ने बच्चों के लिए फाइजर वैक्सीन की आधी खुराक को दी मंजूरी

लड़की के परिजनों ने ही थानाध्यक्ष का ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। ऑडियो वायरल होते ही एसपी ने मामले की जांच एसडीपीओ सदर मुकुल परिमल पांडेय से करवाई। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।