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हरक सिंह रावत कोटद्वार मेडिकल कॉलेज की मांग लंबे समय से कर रहे थे लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांग को नजर अंदाज करने पर कैबिनेट बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।

 

उत्तराखंड में हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) को इस्तीफे को लेकर मची सियासी उथल पुथल के बीच बीजेपी (BJP) ने उन्हें मना लिया है। उत्तराखंड सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत और विधायक उमेश शर्मा क़ाऊ को मना लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलुनी से बातचीत के बाद रूठे हरक सिंह रावत की नाराज़गी दूर हो गयी है। हरक सिंह रावत की  नाराज़गी मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर थी। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी (Pushkar Singh Dhami) ने देर रात मेडिकल कॉलेज जल्द खोलने को लेकर आश्वासन दिया तब जाकर उनकी नाराज़गी दूर हुई।

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गौरतलब है कि हरक सिंह रावत ने मंत्री पद से या बीजेपी से इस्तीफ़ा नहीं दिया था केवल नाराज़गी जाहिर की थी, और वे केबिनेट की बैठक से भी इस मसले पर स्वस्थ मंत्री से बहस के बाद केबिनेट की बैठक बीच में छोड़ कर चले गए थे। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने हरक सिंह रावत और उमेश शर्मा काऊ से बातचीत कर मसले के हल के आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व से बातचीत कर हरक सिंह रावत को माना लिया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि “पौढी ज़िले के कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए 10 से 20 करोड़ रुपए अनुदान राशि जारी करने का फ़ैसला भी कर लिया गया है, और हरक सिंह रावत की नाराज़गी दूर कर ली गयी है। एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ केंद्र सरकार की योजना है कि हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाए। इस योजना के तहत त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय हरक सिंह को आश्वासन दिया गया था कि उनकी विधानसभा में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। लेकिन पहले दिक़्क़त ये आ रही थी कि एक ज़िले में एक ही मेडिकल कॉलेज खोला जा सकता है और पौढी ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज पहले से था ऐसे में कोटद्वार में दूसरा मेडिकल कॉलेज खोलने पर राज्य सरकार को दिक़्क़त होती।

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लेकिन हरक सिंह की नाराज़गी सामने आने के बाद अब राज्य सरकार ने इसकी मंज़ूरी दे दी और अनुदान राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी।

बता दें कि नाराजगी की खबर तब सामने आई जब बीजेपी सरकार के हैवीवेट मंत्री हरक सिंह रावत अपने एक फैसले पर सवाल उठाए जाने के बाद कैबिनेट की बैठक के बीच में ही नाराज होकर उठ गए और ये कहते हुए बाहर निकल गए कि वो इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि अब तक उनके इस्तीफे वाली चिट्ठी सामने नहीं आयी है। वहीं देहरादून कैबिनेट से निकले मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने मंत्री हरक सिंह रावत की इस्तीफे जैसी किसी भी बात से इनकार किया। चुफाल ने ये भी कहा है कि मंत्री हरक सिंह रावत अंत तक बैठक में शामिल थे। वहीं एक और मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरक सिंह रावत ने अपनी विधानसभा कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी।