English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-07-31 155500

मणिपुर हिंसा मामले में आज लगातार दूसरे दिन भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट का सख्त रूख देखने को मिला।

कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्‍य सरकार दोनों से ऐसे सभी मामलों में दर्ज एफआईआर का विवरण मांग है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने हिंसा दौरान दर्ज सभी FIR, जांच के लिए उठाए गए कदम, पुनर्वास के प्रयास समेत आदि मुद्दों पर जवाब मांगा है।

Also read:  विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज नहीं होते, वास्तविक घटनाओं के सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं हो पाते

शीर्ष अदालत के मुख्‍य न्‍यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ उन दो आदिवासी महिलाओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है जिन्हें मणिपुर में निर्वस्‍त्र कर घुमाया गया था और उनका यौन उत्पीड़न भी किया गया था। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि करीब तीन महीने पहले पूर्वोत्तर राज्य में शुरू हुई हिंसा भड़कने के बाद यह महिलाओं के खिलाफ एकमात्र उदाहरण नहीं है।

Also read:  अमेरिका के बोस्टन में नदी के ऊपर बने पुल पर चलती ट्रेन में लगी आग, ट्रेन में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई

सीजेआई ऐसा नहीं होना चाहिए कि ‘जब कोई दूसरा वीडियो सामने आए तभी हम मामला दर्ज करने का निर्देश दें। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन 3 महिलाओं के साथ न्याय हो।’