English മലയാളം

Blog

नेपिडॉ: 

पड़ोसी देश म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की खबर है. म्यांमार की नेता आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi) और राष्ट्रपति समेत सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया है. कई रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई है. म्यांमार में पिछले कुछ समय से सरकार और सेना के बीच तनाव की खबरों के मध्य यह कदम उठाया गया. म्यांमार में तख्तापलट पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है. अमेरिका ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की धमकी दी.

Also read:  देश में कोरोना का कहर बढ़ा : पिछले 24 घंटे में सामने आए 23,285 नए मामले, 117 मौतें

समाचार एजेंसी एएफपी ने टीवी रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि म्यांमार की सेना ने आंग सान सू की को हिरासत में लेने के बाद देश में एक साल का आपातकाल घोषित कर दिया है. सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है. सेना ने जनरल को कार्यकारी राष्ट्रपति नियुक्त किया है.

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पेस्की ने कहा, “अमेरिका को इस बात की जानकारी मिली है कि म्यांमार की सेना ने स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और अन्य अधिकारियों को हिरासत में लेने समेत देश की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया को कमजोर करने के लिए कदम उठाए हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार द्वारा राष्ट्रपति बाइडेन को जानकारी दी गई है.”

Also read:  सिंघु बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के दो आईपीएस अफसर कोरोना पॉजिटिव

उन्होंने कहा कि हम बर्मा (म्यांमार) की लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ संपर्क में हैं. हम सैना और अन्य सभी दलों से लोकतांत्रिक मानदंडों और कानून का पालन करने तथा हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का आग्रह करते हैं.

Also read:  Bihar Election Results 2020: नतीजे कल, मुकम्मल इंतजाम, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका हालिया चुनाव परिणामों को बदलने या म्यांमार की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया को बाधित करने के किसी भी तरह के प्रयास का विरोध करता है. इन कदमों को वापस नहीं लिया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और बर्मा के लोगों के साथ खड़े हैं.