English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली: 

महाराष्ट्र सरकार में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार उन भारतीय सेलेब्रिटीज़ की प्रतिक्रियाओं की जांच करेगा, जिनमें किसान आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय शख्सियतों की ओर से किए गए ट्वीट्स का विरोध किया गया था. देशमुख ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की ओर से इस मुद्दे की जांच करने के आग्रह आए हैं. उन्होंने कहा, ‘ऐसा सामने आया है कि कुछ सेलेब्रिटीज़ की ओर से एक ही पोस्ट एक ही वक्त पर आए हैं. ऐसे में इसकी जांच होगी कि ऐसा क्यों हुआ है.’

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने इस बारे में जांच की मांग की थी कि क्या भारतीय सेलेब्रिटीज़ ने बीजेपी के दबाव में आकर मोदी सरकार के प्रति समर्थन दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं पोस्ट की थीं. सोमवार को कांग्रेस के नेताओं ने इसे लेकर देशमुख के साथ एक ऑनलाइन मीटिंग भी की थी. देशमुख फिलहाल कोविड संक्रमित हैं और आइसोलेशन में चल रहे हैं.

Also read:  गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव : शुरुआती रुझानों में 81 नगर निकायों में से अधिकतर पर बीजेपी को बढ़त मिली

बता दें कि इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना की ओर से किसान आंदोलन पर आए एक ट्वीट के बाद की अंतरराष्ट्रीय शख्सियतों की ओर इस आंदोलन को लेकर ट्वीट आने शुरू हो गए थे. भारत में इसका बड़ा विरोध हुआ था. राजनेताओं, एक्टर्स और खेल जगत की कई हस्तियों ने इसपर ट्वीट किया कि भारत की संप्रुभता से समझौता नहीं हो सकता और आंदोलन की स्थिति सरकार के नियंत्रण में है.

Also read:  कोलकाता में बाईपास के पास झुग्ग‍ियों में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 15 गाड़‍ियां मौके पर

अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग निहित स्वार्थ के तहत इस आंदोलन का फायदा उठाना चाहते हैं. सरकार ने सुझाव दिया कि ‘ऐसे मुद्दों पर टिप्पणियां करने से पहले, तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए और मुद्दे को अच्छे से समझा जाना चाहिए.’ मंत्रालय ने इसे ‘सोशल मीडिया हैशटैग्स और कॉमेंट्स की सनसनी का लालच’ बताया था.

कांग्रेस ने विदेशी हस्तियों के ट्वीट करने पर ‘विदेश मंत्रालय के इतना परेशान हो जाने’ पर सवाल उठाया था. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि ‘ट्रंप सरकार के लिए वोट मांगने पर या फिर जॉर्ज फ्लॉयड पर हुई क्रूरता के खिलाफ हमारी प्रतिक्रियाओं से अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ा. हम एक ग्लोबल गांव में रह रहे हैं. तो फिर हमें किसी आलोचना से क्यों डरना चाहिए?’