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रोहिणी जिला की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर हाईटेक धोखेबाजों का गिरोह का पर्दाफाश किया है,जो क्रेडिट कार्ड के अंक या क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने के बहाने भोले- भाले लोगों को ठगता था।

 

पुलिस गैंग के तीन महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 10 क्रेडिट/डेबिट/एटीएम कार्ड, 1 चेक बुक, 14 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड और 1 लैपटॉप, 3 वाई-फाई / राउटर बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान पुलकित मलिक, राहुल वर्मा,अविनाश कुमार और जितेंद्र शर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना साइबर, रोहिणी में एसबीआई क्रेडिट कार्ड पॉइंट रिडीम करने के बहाने धोखाधड़ी करने के संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि बीते 13 मई को उसके मोबाइल फोन पर एक अंजान कॉल आया और महिला कॉलर ने उसे आश्वासन दिया कि वह एसबीआई क्रेडिट कार्ड विभाग से कॉल कर रही है।

इसके बाद उसने शिकायतकर्ता के व्हाट्स एप पर एक लिंक भेजा और एप को इंस्टॉल करने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसी लिंक और एसबीआई के रूप में दिखाए गए ऐप नाम का उपयोग करके उक्त ऐप इंस्टॉल किया और यह एसबीआई का लोगो भी दिखाता है। जैसा कि शिकायतकर्ता ने महिला कॉलर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया। उसके खाते से 28 हजार आठ सौ 26 रुपये निकल गए।

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पुलिस ने मामला दर्ज किया।एसीपी ईश्वर सिंह जी देखरेख में एसएचओ अजय दलाल के निर्देशन में एसआई मनीष कुमार महिला हेड कांस्टेबल नीलम, सोनिया, कांस्टेबल अमित, विकास और नरेंद्र को आरोपियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता से सम्पर्क कर बैंक खाता और कॉलर न नंबर लेकर जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित नंबर की सीडीआर और आईएमईआई खोज का विश्लेषण किया गया और यह पता चला कि कथित व्यक्ति महावीर नगर, दिल्ली में स्थित हैं।

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इसके बाद स्थानीय खुफिया एजेंसियों की मदद से कथित संदिग्ध की रेकी भी की गई। आरोपी पुलकित मलिक को गिरफ्तार किया गया। उसने खुलासा किया कि वह 3 लड़कियों की मदद से अपने घर से एक कॉल सेंटर चलाता है, जो धोखाधड़ी वाले कॉल करती थी। जिसकी निशानदेही पर तुरंत उसके घर पर छापेमारी कर फिर उनके घर पर छापेमारी कर सुश्री भावना गांधी, कनिका गांधी और रिया को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 12 मोबाइल फोन, 2 वायरलेस फोन, 3 वाई-फाई/डोंगल, 10 क्रेडिट/डेबिट कार्ड और एक चेक बुक जो अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल की जाती है, बरामद की गई।

आरोपी पुलकित मलिक की पुलिस हिरासत के दौरान राहुल वर्मा अविनाश कुमार और जितेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया। जितेंद्र ने ही आरोपी के लिए कथित धोखाधड़ी बैंक ऐप विकसित किया था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि करीब 2 साल पहले वह कुछ बैंकों के क्रेडिट कार्ड विभाग में काम करता था। करीब 6 महीने पहले उसने क्रेडिट कार्ड प्वॉइंट भुनाने के बहाने लोगों को ठगने का तरीका सीखा।

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इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन एक वेब डेवलपर की तलाश की और आरोपी जितेंद्र शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने एसबीआई बैंक का एक फ्रॉड ऐप तैयार किया, जिसका उपयोग आरोपी व्यक्ति पीड़ित के मोबाइल फोन संदेशों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए करते हैं। फिर उसने अपने दोस्त राहुल वर्मा से फर्जी आईडी पर पंजीकृत सिम कार्ड खरीदे, जिन्होंने अविनाश कुमार से खरीदा था।

आरोपित पुलकित मलिक ने ग्राहकों को फर्जी कॉल करने के आरोप में 3 लड़कियों को भर्ती किया और क्रेडिट कार्ड प्वॉइंट भुनाने के बहाने लोगों से ठगी की। भोले-भाले लोगों को समझाने के लिए, वे धोखाधड़ी वाले एसबीआई बैंक ऐप का लिंक भेजते थे और जब ग्राहक ने इसे इंस्टॉल किया, तो आरोपी को ग्राहक के मोबाइल फोन के संदेशों (ओटीपी) तक पहुंच प्राप्त हुई।