English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-06-01 113425

कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की सफलता के पीछे काम करने वाले चुनावी रणनीतिकार सुनील कानुगोलू को कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ सीएम सिद्दरमैया के मुख्य सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।

कर्नाटक के सीएमओ ने यह जानकारी दी है। बता दें कि सुनील कुडगोलू कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने से पूर्व भाजपा के चुनावी अभियान में अहम रोल निभा चुके हैं। कानुगोलू पीएम मोदी के लिए 2014 के लोकसभा चुनाव में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ काम कर चुके हैं।

Also read:  द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का निधन, सोमवार को दी जाएगी भू-समाधि

कर्नाटक में कांग्रेस की जीत में क्या भूमिका थी?

सुनील कानुगोलू ही ऐसे शख्स थे, जिन्होंने तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ रेट कार्ड जारी किया था। इसके अलावा उन्होंने पे-सीएम, 40 परसेंट कमीशन सरकार और ‘क्राई पीएम’ अभियान चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पार्टी नेताओं के अनुसार, कानुगोलू भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के अभियानों जैसे रेट कार्ड जारी करना, पे-सीएम, 40 प्रतिशत कमीशन सरकार और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा मोदी पर निशाना साधने के बाद ‘क्राई पीएम’ अभियान चलाया।

कांग्रेस में मिली चुनावी रणनीतिकार की जगह 

कांग्रेस ने बीते साल मार्च में सुनील कानुगोलू को बतौर चुनावी रणनीतिकार पार्टी में जगह दी। कांग्रेस ने पिछले साल मई में 2024 के लिए एक टास्क फोर्स की स्थापना की है। इसमें चुनावी रणनीतिकार सुनील कानुगोलू को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

Also read:  40 सऊदी कॉलेजों को एप्लाइड कॉलेजों में बदला जाएगा

सुनील कानुगोलू इससे पहले DMK, AIADMK और BJP के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए, 2019 के संसदीय चुनावों में DMK और तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनावों में AIADMK के लिए चुनावी रणनीतियां बनाई थीं। कानुगोलू ने साल 2014 से पहले प्रशांत किशोर के साथ भी काम किया था।

Also read:  टीवी डिबेट पर SC सख्त, कहा- आप समाज को बांट रहे हैं

कौन हैं कानुगोलू?

कर्नाटक के मूल निवासी होने के बावजूद सुनील की परवरिश चेन्नई में हुई। एक मामूली प्रोफ़ाइल रखने के बावजूद, सुनील कानुगोलू राजनीतिक क्षेत्र में काफी पसंद किए जाते हैं। पिछले साल वह कांग्रेस के साथ जुड़े और उन्होंने सबसे पुरानी पार्टी के लिए रणनीति बनानी शुरू की थी। कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।