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भारत ने एक बार फिर अपने ताकत का दुश्मन देशों को अहसास कराया है। रक्षा के क्षेत्र में भारत अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ाने पर फोकस कर रहा है।

 

 मंगलवार को भारतीय वायु सेना (IAF) ने पूर्वी समुद्र तट पर सुखोई 30 एमकेआई (Su30-MkI) विमान से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया। भारतीय वायुसेना ने इस सफल परीक्षण की जानकारी ट्वीट के जरिए दी।

भारतीय वायुसेना के मुताबिक परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा। IAF ने ट्वीट में बताया, ‘आज पूर्वी समुद्री तट पर वायुसेना ने Su30 MkI विमान से ब्रह्मोस मिसाइल की लाइव फायरिंग की। मिसाइल ने एक निष्क्रिय भारतीय नौसेना जहाज के लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया। इस मिशन को भारतीय नौसेना के समन्वय में मिशन शुरू किया गया था।’

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बता दें कि ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय वायुसेना को दिन हो या रात और सभी मौसम की स्थिति में सटीक सटीकता के साथ समुद्र या जमीन पर किसी भी लक्ष्य पर बड़े स्टैंड-ऑफ रेंज से प्रहार करने की बहुत इच्छित क्षमता प्रदान करती है। Su-30MKI विमान के हाई प्रदर्शन के साथ जुड़ी मिसाइल की क्षमता IAF को एक रणनीतिक पहुंच प्रदान करती है और इसे जमीन और समुद्र पर युद्ध के मैदानों पर दुश्मन पर हावी होने का मौका देती है।

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याद रहे कि इससे पहले पिछले महीने मार्च में अंडमान और निकोबार में सतह से सतह यानी जमीन से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। गौरतलब है कि रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की तकनीकी पर आधारित है।

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