English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-10 135559

श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत हमेशा से श्रीलंका के लिए खड़ा रहा है। आपको बता दें कि श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के खिलाफ विरोध चरम पर पहुंच गया।

 

एस जयशंकर ने कहा, “हम श्रीलंका का बहुत समर्थन करते रहे हैं। हम मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। हम हमेशा उनके लिए बहुत मददगार होते हैं।” केरल में पत्रकारों से बात करते हुए जयशंकर ने कहा, ”वे अभी अपनी समस्याओं के माध्यम से काम कर रहे हैं, इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि वे क्या करते हैं।” यह पूछे जाने पर कि क्या पड़ोसी देश के सामने आने वाली चुनौतियों के कारण शरणार्थी संकट है। उन्होंने कहा, “कोई शरणार्थी संकट नहीं है।”

Also read:  मध्यप्रदेश शासन द्वारा 27 जनवरी 2023 को शासकीय सेवकों / पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता

श्रीलंका में शनिवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के महल पर धावा बोल दिया। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के घर को भी आग के हवाले कर दिया गया। घर में आग लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विक्रमसिंघे ने घोषणा की है कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद वह पद छोड़ देंगे। राजपक्षे के इस्तीफे पर एक बयान सार्वजनिक किया गया है, जिसके मुताबिक वह 13 जुलाई को औपचारिक रूप से अपने पद को त्याग देंगे।

Also read:  राज्यसभा के लिए बीजेपी के आज 8 प्रत्याशी करेंगे नामांकन, भाजपा ने राज्यसभा के 16 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया

समाचार एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार 22 मिलियन की जनसंख्या वाले देश पर 50 बिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है। 2027 तक 28 बिलियन डॉलर चुकाने की जरूरत है। इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने कहा है कि वह देश की स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।

Also read:  पिता के सामने बेटी के अवैध प्रेम संबधों (Love affairs) का राज खुला तो बटी ने पिता को मरवा डाला