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शिवसेना (Shiv sena) के वरिष्‍ठ नेता और राज्यसभा सासंद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उन पर महाराष्ट्र (Maharashtra) की ठाकरे सरकार गिराने का दवाब डाला गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि मुझे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जरिए फंसाने की कोशिश हो रही है। राज्यसभा सासंद संजय राउत ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को खत लिखकर ये सभी आरोप और दावे किए हैं।

संजय राउत ने खत में कहा है कि मुझपर महाराष्ट्र (Maharashtra) की ठाकरे सरकार गिराने का दबाव डाला गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि मुझे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जरिए फंसाने की कोशिश हो रही है।

बेटी की शादी में हुए खर्च की भी कराई जा रही जांच’

संजय राउत ने लिखा, ‘ठाकरे सरकार गिरवाने के लिए मुझ पर दबाव डाला जा रहा था और मना करने पर ED के जरिए फंसाने की कोशिश हो रही है।’ संजय राउत ने बताया कि 17 साल पुराने जमीन खरीदी के मामले की ED ने जांच शुरू की और बेटी की शादी में हुए खर्च की भी जांच हो रही है और वेंडर्स को धमकाया जा रहा है.’ राउत ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से हस्तक्षेप और कार्रवाई करने की मांग की है।

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‘सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर जेल भेजने की मिली धमकी’

संजय राउत ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को लिखी चिट्ठी में केंद्र सरकार की ओर से जांच एजेंसियों के ग़लत इस्तेमाल का आरोप लगाया. राज्यसभा सांसद ने चिट्ठी में कहा, ”करीब एक महीने पहले कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि ठाकरे सरकार को गिराने में हमारी सहायता करें। वह लोग चाहते थे कि मैं इस तरह की कोशिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाऊं ताकि महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव हो सके। इसके बाद मैंने मना कर दिया तो मुझे जेल भिजवाने की धमकी दी गई।” उन्होंने चिट्ठी में आगे कहा, ‘क्योंकि मैं सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाता हूं, इस वजह से मुझे जबरन फंसाने की कोशिश की जा रही है।’

बीजेपी ने कहा, डरते वहीं हैं जो गलत करते हैं

संजय राउत के ट्वीट पर महाराष्‍ट्र बीजेपी के नेता राम कदम रिट्वीट करते हुए कहा कि जो गलत काम करते हैं डर उन्‍हीं को लगता है। रामकदम ने कहा, यह स्पष्ट है कि महाराष्‍ट्र विकास अघाड़ी की सरकार के कुछ नेता डरे हुए हैं। अगर उन्होंने कोई वित्तीय घोटाला नहीं किया है? फिर वे क्यों डरे हुए हैं?

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