English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-09 113359

भारतीय मौसम विभाग मौसम की जानकारी जुटाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। वो मौसम पूर्वानुमान के आंकड़ों को पता लगाने के लिएड्रोन के प्रयोग की तैयारी कर रहा है।

 

अभी तक मौसम की जानकारी वेदर बैलून के जरिए हासिल की जाती है, जिसको मौसम विभाग देशभर में अलग-अलग जगहों पर भेजकर मौसम के बारे में जानकारी जुटाता है। ये प्रकिया जटिल, महंगी और वक्त लेने वाली है लेकिन अगर वेदर बैलून की जगह ड्रोन का प्रयोग होने लगा तो ये प्रक्रिया सुगम, सस्ती और किफायती हो जाएगी।

Also read:  वास्को-डी-गामा हावड़ा अमरावती एक्सप्रेस उतरी पटरी से, टला बड़ा हादसा

कैसे काम करता है ‘वेदर बैलून’?

  • दरअसल मौसम के गुब्बारे या वेदर बैलून एक हाइड्रोजन गैस से भरा गुब्बारा होता है, जिसमें रेडियोसॉन्ड सेंसर लगे होते हैं।
  • ये गुब्बारे 12 किमी की ऊंचाई तक उड़ते हैं और पृथ्वी पर रेडियो सिग्नल भेजते हैं।

55 जगहों पर मौसम वाले गुब्बारे जाते हैं

  • मौसम विभाग दिन में दो से तीन बार करीब 55 जगहों पर मौसम वाले गुब्बारे भेजता है।
  • रेडियोसॉन्ड सेंसर वायुमंडलीय दबाव, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड करता है।

नया प्लान

  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने कहा कि “हम अब इस वायुमंडलीय डेटा को इकट्ठा करने के लिए ड्रोन का उपयोग करने की संभावना तलाश रहे हैं जो मौसम की भविष्यवाणी के लिए महत्वपूर्ण है।”
  • मौसम के गुब्बारों की जगह ड्रोन का प्रयोग हमारे लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि इन्हें नियंत्रित और निर्देशित किया जा सकता है।
  • एक मौसम के गुब्बारे की उड़ान आमतौर पर दो घंटे तक चलती है जबकि एक ड्रोन 40 मिनट की उड़ान में ही सारा काम कर सकता है।
Also read:  उत्तराखंड के नैनीताल के नवोदय स्कूल में कोरोना ब्लास्ट, 85 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिलनें पर स्कूल बंद

मौसम का पूर्वानुमान का पता लगाएगा ड्रोन

आपको बता दें कि India Meteorological Department (IMD) 550 स्थानों से मौसम की जानकारी एकत्र करता है और उसके बाद हमें मौसम का पूर्वानुमान पता चलता है। फिलहाल IMD का कहना है कि वो अभी 5 किमी की ऊंचाई तक के डाटा को एकत्रित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगा और वेदर बैलून की रिपोर्टसे उसकी तुलना करेगी, जिससे कि पता चल सके कि दोनों में बेहतर कौन है।

Also read:  आज तमिलनाडु-केरल के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफान 'बुरेवी', एनडीआरएफ की कई टीमें तैनात