English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-14 134346

खनन लीज केस में घिरे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बचाव में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच की मांग को लेकर दायर याचिका को हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

झारखंड सरकार ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। खनन लीज आवंटन में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच की मांग की गई है। मुख्यमंत्री के कुछ परिजनों, सहयोगियों पर फर्जी कंपनियों के जरिए लेनदेन के आरोपों की जांच कराने की भी मांग की गई है। 3 जून को झारखंड हाई कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के योग्य बताया था।

Also read:  राजस्थान में राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल का शुभारंभ, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर एसएमएस स्टेडियम में शुभारम्भ

राज्य सरकार ने जस्टिस एस एस बोपन्ना और विक्रम नाथ की वेकेशन बेंच से याचिका पर तुंरत सुनवाई की अपील की है। यह बताए जाने के बावजूद कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी फाइल की गई है, झारखंड हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 17 जून की तारीख तय की है।

Also read:  कुवैत में 940,000 बूस्टर खुराक पूर्ण

झारखंड सरकार की से याचिका दायर करने वाले वकील अरुणाभ चौधरी से बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को ब्यौरा देने को कहा ताकि लिस्टिंग के लिए चीफ जस्टिस ऑफिस से ऑर्डर लिया जा सके। बेंच ने कहा, ”आप ब्यौरा दे दें, वे (रिजस्ट्री) आदेश ले लेंगे।” गौतरलब है कि वर्तमान में दो अवकाश पीठ हैं और मुख्य न्यायाधीश मामले को सूचीबद्ध करने के बारे में निर्णय लेंगे। जब चौधरी ने बताया कि एसएलपी की जानकारी दिए जाने के बावजूद हाई कोर्ट ने सुनवाई की तारीख तय की है, कोर्ट ने कहा, ”यह रजिस्ट्री को बताएं।”

Also read:  रूस-यूक्रेन संकट में अमेरिका को भारत की तटस्था रास नहीं आ रही, कहा-'रूस से गठबंधन की भारत को चुकानी पड़ सकती है कीमत'