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करीब 23 वर्ष पूर्व समाज के उत्थान को लेकर अपने पैतृक गांव को छोड़कर खंदौली क्षेत्र के हाजीपुर खेड़ा में बसे डा. धर्मवीर प्रजापति का जीवन संघर्षों से भरा रहा है।

 

डा. धर्मवीर प्रजापति पिता की परचून की दुकान है। छोटे भाई चाट बेचते हैं। पिछली योगी सरकार में माटी कला बोर्ड के चेयरमैन रहने के बाद हुए विस्तार में राज्य मंत्री बने। उनके दूसरी बार मंत्री बनने पर गांव में खुशी का माहौल और मिठाई बंट रही है।

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धर्मवीर प्रजापति बहरदोइ के मूल निवासी

धर्मवीर प्रजापति का हाथरस जनपद स्थित पैतृक गांव बहरदोई के मूल निवासी हैं। गांव में अब भी आना जाना हैं। वे 1998 में गांव छोड़कर हाजीपुर खेड़ा, खंदौली में रहने लगे थे। वर्ष 2005 के करीब वह भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संपर्क में आए। राजनाथ सिंह ने उन्हें भाजपा में शामिल कराया। पहले संगठन से जुड़े, उसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी में जगह बनाई, फिर एमएलसी बने। लगातार उनकी सफलता का कारवां आगे बढ़ता चला गया। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद उनको माटी कला बोर्ड का चेयरमैन बनाकर समाज के लोगों को जागरूक करने के साथ ही प्रजापति समाज की एक पहचान बनाने का काम किया।

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छोटे भाई गांव में बेचते हैं चाट

धर्मवीर प्रजापति का परिवार साधारण है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर के धर्मवीर प्रजापति राजनीति में चले गए। उनके पिता गेंदालाल गांव में एक छोटी सी परचून की दुकान चलाते थे। छोटे भाई छोटेलाल आज भी गांव में चाट बेचते हैं। धर्मवीर प्रजापति का घर आज भी गांव में टूटा फूटा सा है। गांव के लोग बताते हैं कि वह लगातार गांव में आकर लोगों के सुख-दुख की बात करते हैं, लोगों की समस्याओं को दूर कराने का प्रयास करते हैं।

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