English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-26 181730

दही, लस्सी, आटा, चावल, दल जैसी चीजों पर केंद्र सरकार ने जीएसटी लगाया है। जिसका कई काफी विरोध हो रहा है। केंद्र सरकार के ऐलान के बाद से 18 जुलाई से कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं।

 

सरकार के इस फैसले के विरोध प्रदर्शन के बीच आज वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में इस फैसले की जानकारी दी। विपक्ष के सवाल पर जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि यह किसका फैसला है। कहा कि अनाज, दही, लस्सी सहित विभिन्न वस्तुओं पर माल और सेवा कर लगाए जाने का हालिया फैसला विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के समूह ने सर्वसम्मति से लिया था।

Also read:  देश में कोरोना के 1938 नए मामले आए सामने, कोरोना से पिछले 24 घंटे में 67 लोगों की मौत

FM On GST: राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पूरक सवालों के जवाब में बताया कि जीएसटी परिषद की लखनऊ में हुई 45वीं बैठक में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों का एक समूह बनाने का फैसला किया गया था, चौधरी ने कहा कि उस जीओएम में कर्नाटक, बिहार, केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मंत्री शामिल थे, उन्होंने यह भी कहा कि यह जीओएम सर्वसम्मति से फैसले लेता है।

Also read:  Farmers Protest:सिंघु बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच बवाल और बढ़ा, दागे जा रहे आंसू गैस के गोले

FM On GST: सवाल जवाब के दौरान वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने पूछा कि क्या विपक्षी दलों के शासित राज्यों के मंत्री इस समूह में शामिल थे। अगर शामिल थे तो क्या दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्रियों ने बैठक में इन वस्तुओं पर जीएसटी लगाए जाने का विरोध किया था या सहमति जताई थी। पंकज चौधरी ने कहा कि फैसला करने वाले समूह में शामिल लोगों की स्वीकृति से ही फैसला लिया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि इस तरह के फैसले जीएसटी परिषद लेती है और उसमें यह प्रस्ताव आया था।

Also read:  क्राउन प्रिंस ने एर्दोगन को शोक व्यक्त करने और समर्थन की प्रतिज्ञा करने के लिए कहा