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पंजाब में किसानों ने फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का विरोध टाल दिया है। इस संबंध में मंगलवार रात को किसान नेताओं की केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत से मीटिंग हुई।

जिसमें फैसला हुआ कि 15 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी किसानों से मिलेंगे। यह मुलाकात दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में होगी। इसके अलावा 15 जनवरी से पहले MSP पर कानूनी गारंटी वाली कमेटी बना दी जाएगी।

किसानों को यह भी भरोसा दिया गया कि आंदोलन के दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए केस 31 जनवरी तक वापस ले लिए जाएंगे। फिरोजपुर में भाजपा के पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र शेखावत के साथ किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य प्रधान सतनाम सिंह पन्नू की मीटिंग हुई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

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किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत से कई दौर की मीटिंग के बाद यह तय हुआ कि फिलहाल किसान फिरोजपुर में बैठे हैं। हम विरोध नहीं करेंगे लेकिन केंद्र से अभी हमें लेटर का इंतजार है।

11 बजे तक मिल सकता है लेटर

फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक बजे पहुंचेंगे। वह बठिंडा के भिसियाना एयरबेस पर उतरेंगे। वहां से फिरोजपुर जाएंगे। इससे पहले किसानों के साथ मीटिंग में तय हुआ कि इन फैसलों के बारे में 11 बजे तक उन्हें औपचारिक पत्र भी दे दिया जाएगा। किसान नेता भी इसका इंतजार करेंगे। अगर उन्हें पत्र मिल गया तो फिर पीएम का विरोध टाल दिया जाएगा।

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रैली का विरोध कर रहे थे किसान

फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की रैली का पता चलते ही किसान विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि केंद्र ने कृषि कानून वापस ले लिए, लेकिन अभी तक बाकी मांगें नहीं मानी। जिनमें सबसे बड़ी मांगें MSP पर कानूनी गारंटी के लिए कमेटी बनाना और किसानों पर दर्ज केस वापस लेना है। किसानों का कहना था कि पहले इन पर फैसला होना चाहिए, फिर पीएम को पंजाब आना चाहिए। हालांकि इस पर अब किसानों और केंद्र सरकार के बीच सहमति बनती नजर आ रही है।

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15 जनवरी को SKM का अगला फैसला

केंद्र सरकार के साथ लंबित मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा(SKM) की 15 जनवरी को मीटिंग होनी है। जिसमें केंद्र से बनी सहमति के बाद उन पर हुई प्रगति के बारे में विचार किया जाएगा। संभव है कि MSP कमेटी बनाने के लिए उससे पहले ही फैसला ले लिया जाएगा।