English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-09-05 160239

बिहार के नवादा में तीन दशक से पानी में डूबी हुई एक मस्जिद मिली है।  30 साल पानी में रहने पर भी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

 

नवादा के रजौली प्रखंड मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर फुलवरिया डैम के पास चंदौली गांव के समीप 3 दशक से पानी में डूबी मस्जिद पूरी तरह से दिखने लगी। इसके बाद मस्जिद देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। मस्जिद दिखने की खबर जब आस-पास के गांव में आग की तरह फैली तो खबर सुन विभिन्न इलाकों के मुस्लिम अपने परिवार वालों के साथ इस मस्जिद का दीदार करने डैम किनारे पहुंचने लगे। बीते कुछ दिनों से यह मस्जिद चर्चा का विषय बनी हुई है. कई युवा हाथ में चप्पल लेकर कीचड़ में घुसकर मस्जिद को नजदीक से देखने की कोशिश भी करते हैं।

Also read:  महाराष्ट्र में सियासत एक बार फिर से उबाल मारने लगी, NCP पार्टी कभी भी टूट सकती

 

हालांकि, कीचड़ और बीच-बीच में पानी होने के कारण वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और दूर से ही दीदार कर वापस लौट रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मस्जिद 120 साल पुरानी है, लेकिन बीते 30 साल से मस्जिद पूरी तरह पानी में डूबी हुई था, इसके बावजूद मस्जिद को जरा सा भी नुकसान नहीं हुआ है।

Also read:  यूपी के देवरिया में हुआ बड़ा सड़क हादसा, हादसे में 6 की मौत कई लोग घायल

स्थानीय निवासी मोहम्मद शमशेर बताते हैं कि फुलवरिया डैम का निर्माण साल 1984 में कराया गया था, इससे पहले इस जगह पर बड़ी मुस्लिम आबादी हुआ करती थी, जमीन अधिग्रहण कर सरकार द्वारा डैम का निर्माण कराया गया था, तब इस स्थानों पर रहने वाले लोगों को विस्थापित कर हरदिया डैम के बगल के गांव में बसाया गया था।

Also read:  श्रीलंका में जनता का प्रदर्शन जारी है, कोलंबो में प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंकाई प्रधानमंत्री कार्यालय पर कब्जा कर लिया

मोहम्मद शमशेर ने कहा कि डैम बनने के बाद मस्जिद को यूं ही छोड़ दिया गया था, पानी भरने के कारण मस्जिद का सिर्फ गुंबद दिखाई पड़ता था पर अब जलस्तर घटने के कारण पूरी मस्जिद दिख रही है।