English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली, जेएनएन। सुशांत सिंह राजपूत मामले में मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक सनसनीख़ेज दावा पेश किया है, जिसमें सुशांत की मानसिक हालत उनकी बहनों द्वारा दी गयी दवा की वजह से बिगड़ने की सम्भावना ज़ाहिर की गयी है। मुंबई पुलिस ने यह दावा उच्च न्यायाल में सुशांत की बहनों के ख़िलाफ़ रिया चक्रवर्ती द्वारा दर्ज़ करवायी गयी रिपोर्ट के मामले की सुनवाई के दौरान किया।

बता दें कि सुशांत की बहनों प्रियंका सिंह और मीतू सिंह ने उनके ख़िलाफ़ रिया चक्रवर्ती द्वारा दर्ज़ करवायी गयी पुलिस रिपोर्ट को निरस्त करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका डाली है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने सोमवार को हाई कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया। सुशांत की बहनों के ख़िलाफ़ दर्ज़ एफआईआर में रिया ने जालसाज़ी और सुशांत के मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन को फेब्रिकेट करने का आरोप लगाया है। मामले की रिपोर्ट बांद्रा पुलिस थाने में दर्ज़ करवाई गयी थी।

Also read:  BJP की चुनाव आयोग से मांग- सच्‍चाई सामने लाने के लिए ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बांद्रा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर निखिल काप्से की ओर से फाइल किये गये एफिडेविट में उन आरोपों से इनकार किया गया है, जिनमें याचिकाकर्ताओं और मृत व्यक्ति की छवि ख़राब करने का दावा किया गया है।

एफिडेविट में यह भी कहा गया कि सुशांत की बहनों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज़ करके पुलिस सीबीआई द्वारा की जा रही जांच को किसी भी तरह प्रभावित नहीं करना चाहती। उनके ख़िलाफ़ पुलिस रिपोर्ट रिया चक्रवर्ती द्वारा उपलब्ध करवायी गयी प्राथमिक सूचना के आधार पर दर्ज़ की गयी थी।

मुंबई पुलिस के एफिडेविट में यह भी दावा किया गया कि याचिकर्ताओं (प्रियंका सिंह और मीतू सिंह) ने दिल्ली स्थित एक डॉक्टर की मदद से सुशांत को एक फर्ज़ी प्रेस्क्रिप्शन भेजा था, जिसमें एंज़ाइटी के लिए दवाओं को प्रस्तावित किया गया था। इसकी वजह से बिना डॉक्टर की जांच के सुशांत ने साइकोट्रॉपिक पदार्थ लिये होंगे, जो सम्भव है कि एक्टर की आत्महत्या से मौत का कारण बना।

Also read:  विधान परिषद चुनावों में भाजपा को लगी झटका, 6 सीटों में से सिर्फ एक पर मिली जीत

इस तरह की सूचना के आधार पर प्रारम्भिक पूछताछ के बिना जांच की जा सकती है। इसलिए मुंबई पुलिस का फ़र्ज़ था कि वो एफआईआर दर्ज़ करे। एफआईआर दर्ज़ होने के बाद, पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एफआईआर से जुड़े सभी दस्तावेज़ सीबीआई से साझा किये, जो सुशांत की डेथ की जांच कर रही है।

मुंबई पुलिस के एफिडेविट में यह भी दावा किया गया कि याचिकर्ताओं (प्रियंका सिंह और मीतू सिंह) ने दिल्ली स्थित एक डॉक्टर की मदद से सुशांत को एक फर्ज़ी प्रेस्क्रिप्शन भेजा था, जिसमें एंज़ाइटी के लिए दवाओं को प्रस्तावित किया गया था। इसकी वजह से बिना डॉक्टर की जांच के सुशांत ने साइकोट्रॉपिक पदार्थ लिये होंगे, जो सम्भव है कि एक्टर की आत्महत्या से मौत का कारण बना।

Also read:  राजस्थान में राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल का शुभारंभ, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर एसएमएस स्टेडियम में शुभारम्भ

इस तरह की सूचना के आधार पर प्रारम्भिक पूछताछ के बिना जांच की जा सकती है। इसलिए मुंबई पुलिस का फ़र्ज़ था कि वो एफआईआर दर्ज़ करे। एफआईआर दर्ज़ होने के बाद, पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एफआईआर से जुड़े सभी दस्तावेज़ सीबीआई से साझा किये, जो सुशांत की डेथ की जांच कर रही है।

जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेंगे। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का मृत शरीर 14 जून को उनके बांद्रा स्थित आवास पर मिला था।