English മലയാളം

Blog

देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हाल के कुछ दिनों में कोरोना मामलों में गिरावट आई थी, लेकिन एक बार फिर इसमें वृद्धि दर्ज की जा रही है। देश में संक्रमितों की संख्या 90 लाख को पार हो गई है। ऐसे में इस महामारी के खात्मे की सबसे बड़ी उम्मीद कोरोना वैक्सीन को लेकर कई खबरें आ रही हैं। भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स ने देशभर में कोविड-19 के टीके के लिए विशाल कार्य की तैयारी शुरू कर दी है। Pfizer और मॉडर्ना ने अपनी-अपनी वैक्सीन को 90 फीसदी से ज्यादा कारगर बताया है।

लेकिन Pfizer की वैक्सीन को शून्य से 70 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान पर रखना भारत समेत तमाम देशों के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स कोल्ड चेन स्टोरेज स्थापित करने के लिए कमर कस रहे हैं।
टीकों के वितरण के लिए GMR समूह कर रहा तैयारी
इस संदर्भ में दिल्ली और हैदराबाद हवाई अड्डों का संचालन करने वाले जीएमआर समूह का कहना है कि इन दोनों जगहों की एयर कार्गो इकाइयां संवेदनशील वितरण प्रणाली के माध्यम से टीकों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं, जिसमें कूल चेंबर्स +25 डिग्री सेल्सियस से -20 डिग्री सेल्सियस तक होंगे।

Also read:  भवानीपुर सीट छोड़ रही हूं, नंदीग्राम से चुनाव लड़ूंगी : पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी

स्पाइसजेट ने वैश्विक कंपनी के साथ किया गठजोड़
इसके अतिरिक्त बजट एयरलाइंस स्पाइसजेट के कार्गो आर्म, स्पाइसएक्सप्रेस ने कोल्ड चेन संचालन के लिए वैश्विक कोल्ड चेन सॉल्यूशन प्रदाता के साथ गठजोड़ किया है, ताकि +25 डिग्री सेल्सियस से -40 डिग्री सेल्सियस के तापमान तक कार्गो शिपमेंट सुविधा उपलब्ध करा सके।

कई अन्य हवाई अड्डे और एयरलाइंस वैक्सीन के परिवहन की भी तैयारियां कर रही हैं। यह संभवतः अब तक का सबसे बड़ा एयर कार्गो अवसर है।

Also read:  हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की पत्नी का कोविड-19 संक्रमण से निधन, पूरा परिवार कोरोना संक्रमित

दिल्ली एयरपोर्ट के पास दो कार्गो टर्मिनल हैं, जो 1.5 लाख मीट्रिक टन (1 मीट्रिक टन = 1,000 किलोग्राम) से अधिक का भार संभाल सकते हैं और इसमें अलग-अलग कूल चेंबर्स के साथ तापमान-नियंत्रित क्षेत्र भी हैं। यह +25 डिग्री सेल्सियस से -20 डिग्री सेल्सियस तक हैं, जो कोविड-19 टीकों के वितरण के लिए अत्यंत अनुकूल होगा।

हैदराबाद हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने कहा कि, ‘जीएमआर हैदराबाद एयर कार्गो (जीएचएसी) भारत के वैक्सीन उत्पादन क्षेत्र के करीब स्थित है। जीएचएसी तापमान-संवेदनशील कार्गो से निपटने के लिए प्रमाणित तापमान-नियंत्रित सुविधा देने वाला भारत का पहला फार्मा जोन है। इस टर्मिनल में -20 से +25 डिग्री सेल्सियस तक विभिन्न तापमान क्षेत्र हैं। टर्मिनल से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर फ्री पार्किंग स्टैंड हैं, जिससे रैंप एक्सपोजर टाइमिंग कम हो जाता है।’

Also read:  Coronavirus In India: 125 दिन बाद सामने आए सबसे कम मामले, पिछले 24 घंटे में मिले 29164 नए मरीज

स्पाइसजेट के एक अधिकारी ने कहा कि, ‘स्पाइसएक्सप्रेस के पास +25 डिग्री सेल्सियस से -40 डिग्री सेल्सियस के बीच कार्गो शिपमेंट उपलब्ध है। सेवा संवेदनशील दवाओं, टीकों और रक्त के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त माल की आवश्यकता के अनुरूप, थर्मल ब्लैंकेट के अतिरिक्त कंटेनर भी उपलब्ध हैं।

बजट एयरलाइन ने 25 मार्च से अब तक 10,000 से अधिक उड़ानों के जरिए 80,000 टन से अधिक कार्गो की सुविधा दी है। कंपनी ने कहा कि उसके पास कोविड-19 वैक्सीन शिपमेंट की मांग को पूरा करने की पर्याप्त क्षमता है। और वह विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और घरेलू गंतव्यों के लिए वैक्सीन शिपमेंट का परिवहन कर रही है।