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कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसदों को मंगलवार को सदन में उपस्थित रहने के लिए एक तीन लाइन का व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया है कि सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी के स्टैंड को समर्थन देने के लिए सभी सांसद मौजूद रहें। केंद्र सरकार आज चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक-2021 राज्यसभा में पेश कर सकती है, जिसका कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार ये विधेयक विपक्ष के विरोध के बावजूद लोकसभा में पारित हो गया था।

राज्यसभा में कांग्रेस चीफ व्हिप जयराम रमेश ने एक पत्र में लिखा, “सभी सांसदों से अनुरोध है कि वे मंगलवार को सुबह 11 बजे से सदन स्थगित होने तक राज्यसभा में मौजूद रहें और पार्टी के स्टैंड को समर्थन दें।” लोकसभा में चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक-2021 का विरोध करते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा था कि इसे स्टैंडिंग कमिटी को भेजा जाना चाहिए. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने यह भी कहा था कि यह विधेयक निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा।

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जबकि सरकार ने कहा कि विधेयक के तहत वोटर लिस्ट को आधार संख्‍या (UIDAI) से जोड़कर फर्जी मतदान पर रोक लगाया जा सकेगा. विधेयक में इसमें 18 साल की उम्र पूरी कर चुके व्‍यक्तियों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए साल में चार मौके देने का प्रावधान है। इसके अलावा विधेयक में चुनाव संबंधी कानून को सैन्‍य मतदाताओं के लिए लैंगिक निरपेक्ष बनाने और चुनाव या इससे संबंधित दूसरे उद्देश्यों के लिए किसी भी परिसर को अधिग्रहन करने के प्रावधान हैं।

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कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, मनीष तिवारी और शशि थरूर, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और BSP के रितेश पांडे ने विधेयक का विरोध किया। विपक्षी सदस्‍यों ने कहा कि सरकार हड़बड़ी में एक महत्‍वपूर्ण विधेयक लेकर आई है और इस पर सदन में चर्चा का अवसर नहीं दे रही।

आधार को मतदाता सूची से जोड़ना अनिवार्य नहीं- रिजिजू

लोकसभा में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयक में संशोधन से चुनाव प्रक्रिया स्वच्छ और निष्पक्ष हो सकेगी. उन्होंने कहा कि आधार संख्या को मतदाता सूची से जोड़ना अनिवार्य नहीं बनाया गया है. यह स्वैच्छिक होगा। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि संशोधन भारत के चुनाव आयोग और संसद की स्टैंडिंग कमिटी द्वारा की गई सिफारिशों पर आधारित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर सरकार ने निर्वाचन आयोग और राज्यों के साथ गहन चर्चा की है।

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विधेयक को सदन में पेश करते हुए रिजिजू ने कहा कि अब कोई भी वयस्‍क व्यक्ति एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्‍टूबर को मतदाता के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेगा। बाद में संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि विधेयक देश में व्‍यापक चुनाव सुधारों का मार्ग खोलेगा।