English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-15 132902

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल सेवा करने वाले युवाओं को रोजगार देने में प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है।

 

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की तरह अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने भी प्रदेश में अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत चार साल सेवा करने वाले युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में प्राथमिकता देने की बात कही है। सीएम धामी ने ट्वीट (CM Dhami Tweet) कर कहा कि वो अग्निपथ योजना के तहत मां भारती की सेवा करने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की नौकरियों में प्राथमिकता देंगे। मंगलवार को केन्द्र सरकार ने अग्निपथ भर्ती योजना का ऐलान किया है जिसके तहत युवाओं को चार साल सेना में काम करने का मौका मिलेगा।

Also read:  ओमान में तीन दिनों में 700 से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान

सीएम धामी ने किया ट्वीट

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना में शामिल होने वाले युवाओं के भविष्य को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि ” अग्निपथ योजना के अंतर्गत मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को राज्य सरकार उत्तराखंड पुलिस व अन्य सम्बंधित सेवाओं में प्राथमिकता प्रदान करेगी। प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास व उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।  इससे पहले भी सीएम धामी ने इस योजना का स्वागत करते हुए ट्वीट किया था “अग्निपथ योजना” के अंतर्गत देश के 17.5 साल से 21 साल की आयु के वीर युवा बनेंगे “अग्निवीर”

Also read:  सऊदी अरब में 109 नए सीओवीआईडी ​​-19 मामले दर्ज किए गए, 1 मौत

 

जानिए क्या है अग्निपथ भर्ती योजना

आपको बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार 14 जून को सेना में अग्निपथ भर्ती योजना का एलान किया था। इस मौके पर उनके साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल रहे। इस योजना के तहत 17.5 साल से 21 साल तक के युवा जो 10वीं या 12 पास हैं उन्हें सेना में भर्ती का मौका मिलेगा। ये युवा चार साल तक सेना के साथ काम करेंगे इसके लिए उन्हें 6 महीने में ट्रेनिंग दी जाएगी। जो इन चार सालों में ही शामिल होगी। इन्हें अग्निवीर कहा जाएगा. इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती होगी।

Also read:  देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा, बीते 24 घंटे में कोरोना के कुल 12,591 मरीज मिले