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भारत का कच्चे इस्पात का उत्पादन सालाना आधार पर जून, 2022 में छह प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ टन हो गया। विश्व इस्पात संघ (वर्ल्डस्टील) से यह जानकारी मिली है।

वैश्विक उद्योग संगठन वर्ल्डस्टील के आंकड़ों के अनुसार, भारत एकमात्र देश है, जिसने जून के दौरान अपने इस्पात उत्पादन में सकारात्मक बढ़त हासिल की है। वैश्विक उद्योग निकाय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि देश ने जून, 2021 में 94 लाख टन कच्चे इस्पात का उत्पादन किया था।

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चीन के बाद भारत कच्चे इस्पात का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन का इस साल जून माह के दौरान उत्पादन 3.3 प्रतिशत घटकर 9.07 करोड़ टन पर आ गया। जून, 2021 में इसका उत्पादन 9.39 करोड़ टन था। अमेरिका में उत्पादन पिछले महीने 4.2 प्रतिशत गिरकर 69 लाख टन रह गया। जून, 2021 में यह 71 लाख टन था। रूस का इस्पात उत्पादन 22.2 प्रतिशत घटकर 50 लाख टन पर आने का अनुमान है। एक साल पहले की समान अवधि में रूस का इस्पात उत्पादन 64 लाख टन रहा था। शीर्ष 10 इस्पात उत्पादकों में रूस को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।

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वर्ल्डस्टील के रिपोर्ट के मुताबिक, जून, 2022 में दक्षिण कोरिया का उत्पादन 56 लाख टन, जर्मनी का 32 लाख टन, तुर्की का 29 लाख टन, ब्राजील का 29 लाख टन और ईरान का 22 लाख टन रहने का अनुमान है। ब्रसेल्स मुख्यालय वाले निकाय वर्ल्डस्टील के सदस्यों का वैश्विक इस्पात उत्पादन में 85 प्रतिशत हिस्सा है।

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