English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-08-25 080716

कथित तौर पर यह संदेश उनके आवास पर भेजा गया था। ईश्वरप्पा ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी मुसलमान को ‘गुंडा’ नहीं कहा। मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने अल्पसंख्यकों पर शिवमोग्गा में सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया था।

 

कर्नाटक में टीपू सुल्तान को लेकर उठे विवाद के बीच शिवमोग्गा के भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा को धमकी मिली है। भाजपा विधायक ने दावा किया है कि उनको एक धमकीभरा पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि अगर उन्होंने दोबारा टीपू सुल्तान को मुस्लिम गुंडा कहा तो उनकी जीभ काट दी जाएगी। इस धमकी को लेकर ईश्वरप्पा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

Also read:  SBI Card ने अपने ग्राहकों को RuPay क्रेडिट कार्ड Rupay Credit Card का उपयोग करके UPI पेमेंट करने की सुविधा शुरू करने का ऐलान

कथित तौर पर यह संदेश उनके आवास पर भेजा गया था। राज्य में स्वतंत्रता दिवस के बैनरों में टीपू सुल्तान और हिंदुत्व के प्रतीक वी डी सावरकर को चित्रित करने के बाद कर्नाटक में एक यह विवाद शुरू हुआ। ईश्वरप्पा ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी मुसलमान को ‘गुंडा’ नहीं कहा। भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि वह इस तरह की धमकियों से नहीं डरते।

इससे पहले मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने अल्पसंख्यकों पर शिवमोग्गा में सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था- “मैं मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों को बताना चाहता हूं, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी मुसलमान गुंडे हैं। मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों ने अतीत में शांति के लिए प्रयास किए हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि गुंडागर्दी करने वाले युवाओं को सलाह दें, अगर नहीं तो सरकार कार्रवाई करेगी और उन्हें इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”

Also read:  बीजेपी कार्यकर्ता का निधन, सीएम शिवराज चौहान सांत्वना देते हुए भावुक

उधर, मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए एक कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘ईश्वरप्पा कांग्रेस के बारे में आरोप लगाते रहते हैं। बीजेपी गलती करेगी और दोष कांग्रेस पर मढ़ेगी।

Also read:  यूपी में चुने गए विधायक लेंगे आज शपत, पहले सीएम योगी लेंगे शपत

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमीर अहमद सर्कल में लगाए गए आरएसएस नेता वीर सावरकर के पोस्टर को कथित रूप से हटाने और टीपू सुल्तान का पोस्टर लगाने के प्रयास किया गया जिसके बाद अलग-अलग समुदायों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। बाद शिवमोग्गा जिले के कुछ हिस्सों में धारा 144 लागू कर दिया गया था।