English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-04-06 103546

भारत में ट्रैफिक को लेकर जो नियम हैं उसके मुताबिक, प्राइवेट नंबर वाले कार एक्सप्रेसवे पर अधिकतक 120 किमी प्रति घंटे और नेशनल हाईवे पर 100 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकते हैं।

 

वहीं, कैब और टैक्सी ड्राइवरों को यह छूट नहीं मिली है। उन्हें फिलाहल 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही अपनी कार चलाने की इजाजत है। इसके लिए उनकी कारों में गति सीमित करने वाले उपकरण (एसएलडी) अनिवार्य रूप से लगाने का प्रावधान है। हालांकि, सरकार उन्हें भी छूट देने के बारे में विचार कर रही है।

Also read:  दिल्ली के गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास उस वक्त मचा हड़कंप, एक लड़की का कई टुकड़ों में शव यहां पाया गया

केंद्र सरकार प्राइवेट कारों और कैब/टैक्सियों के लिए लेन कॉन्फिगरेशन के आधार पर अलग-अलग सड़कों के लिए अधिकतम गति सीमा समान करने पर विचार कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में इस महीने के अंत तक होने वाली राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में इस मामले पर चर्चा होने की संभावना है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि कोर्ट के आदेश के कारण एसएलडी का फिट होना अनिवार्य है।

Also read:  माकपा ने वर्षों तक त्रिपुरा के लोगों शोषण किया, बीजेपी ने त्रिपुरा का चेहरा बदला-राजनाथ सिंह

सूत्रों ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा मोटर वाहनों की गति सीमा की समीक्षा के लिए गठित कमेटी द्वारा विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग तरह की सड़कों के लिए कारों और टैक्सियों/कैब के लिए अलग-अलग गति सीमा के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि कैब और टैक्सी ड्राइवरों का कहना है कि हमारे पर कमर्शियल लाइसेंह होते हैं। हमारे पास लॉन्ग हॉल ड्राइव का अधिक अनुभव होने के बावजूद हम 80 किमी प्रति घंटे से अधिक ड्राइव नहीं कर सकते हैं, क्योंकि टैक्सी और कैब में इनबिल्ट एसएलडी होते हैं।

Also read:  यूपी में सभी घरेलू बिजली कनेक्शनों में लगेंगे मीटर, 100 दिनों में ही कई विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण पूरा कर उन्हें चालू किया जाएगा