English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-07-12 063908

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 नगर निगम व गौतमबुद्धनगर को ‘सेफ सिटी’ बनाए जाने के कार्य को तीन माह में सुनिश्चित कराने का कड़ा निर्देश दिया है। कहा है कि तीन माह बाद यूपी 18 सेफ सिटी वाला पहला राज्य होगा।

योगी ने मंगलवार को गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेफ सिटी परियोजना की समीक्षा की और उसके विस्तार का निर्देश दिया। कहा कि सेफ सिटी परियोजना से महिलाओं को ही नहीं, बुजुर्गों, बच्चों व दिव्यांगजनों को भी जोड़ा जाए।

Also read:  घना कोहरा होने से ट्रेनें चलाना मुश्किल, 494 ट्रेन कैंसिल

सार्वजनिक परिवहन के चालकों का पुलिस सत्यापन कराने, शहरों में ई-रिक्शा के रूट निर्धारण तथा सेफ सिटी पोर्टल विकसित किए जाने का निर्देश भी दिया। योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन सुनिश्चित करने के संकल्प की पूर्ति में परियोजना उपयोगी सिद्ध हो रही है। अब इसे और विस्तार देना होगा। दूसरे चरण में 57 जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं तथा तीसरे चरण में 143 नगर पालिकाओं को सेफ सिटी परियोजना से जोड़े जाने का निर्देश दिया।

Also read:  कटारस में फाल्कन्स, शिकार प्रदर्शनी का उद्घाटन

वर्तमान में सेफ सिटी परियोजना महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है। इसे विस्तार देकर बुजुर्गों, बच्चों व दिव्यांगजनों की सुरक्षा से भी जोड़ा जाए। इससे सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजनों के लिए एक सुरक्षित, संरक्षित व सशक्त वातावरण बनाने की मुहिम को गति मिलेगी। व्यापारियों का सहयोग लेकर भी शहर में अधिक से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं और उसकी एओपी भी बनाई जाए।

Also read:  बिहार की राजनीति इन दिनों बनते बिगड़ते सियासी समीकरण के बीच संभावनाओं के द्वारा अभी खुले बताये जा रहे

हर माह महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजन के लिए विशेष कार्यक्रम भी हों। उनकी समस्याएं सुनी जाएं और समाधान सुनिश्चित कराया जाए। सफल महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें रोल माडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे दूसरे भी प्रेरित हों। एनसीसी/एनएसएस स्वयंसेविकाओं को सेफ सिटी स्वयंसेवी के रूप में दायित्व सौंपे जाने का निर्देश भी दिया।