English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-08-04 150647

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई की एक टीम ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर का सर्वे आज सुबह से शुरू कर दिया है।

सर्वे का काम पांच-छह दिनों तक चलने की संभावना है। इससे पहले, वाराणसी की जिला अदालत के फैसले के बाद एएसआई की टीम ने गत 24 जुलाई को भी ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का काम शुरू किया था लेकिन कुछ ही घंटों बाद अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस सर्वे पर तत्काल रोक लगा दी थी और मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष रखने को कहा था। हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को फैसला सुनाते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी, ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। इस मुद्दे पर  इंडिया टीवी ने पोल के जरिए जनता की राय ली जिसके नतीजे कुछ इस प्रकार रहे।

Also read:  UAE-India travel: 200 किलो सामान सीमा, Dh440 टिकट किराया; यात्री जहाज के 2023 में लॉन्च होने की उम्मीद है

‘ASI के सर्वे से ज्ञानवापी का सच आएगा सामने’

हमने अपने पोल में जनता से यह पूछा था कि ‘ क्या ASI के सर्वे से ज्ञानवापी का सच आएगा सामने?’ इसके लिए हमने जनता के सामने हां, नहीं और पता नहीं, तीन ऑप्शन दिए  थे। इस पोल में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हमें कुल 8277 लोगों की राय जानने का मौका मिला। इस पोल में ज्यादातर लोगों का कहना था कि ASI के सर्वे से ज्ञानवापी का सच सामने आएगा । वहीं कुछ लोगों का ही ऐसा मानना था कि ASI के सर्वे से ज्ञानवापी का सच सामने नहीं आएगा। वहीं बेहद कम लोग ही ऐसे थे जिनका मानना था कि वे कुछ कह नहीं सकते।

Also read:  आज से कांग्रेस करेगी भारत जोड़ो यात्रा, यात्रा के दौरान, रात को कंटेनरों में ठहरेंगे कांग्रेसी, सड़कों पर खाएंगे खाना

आंकड़ों में कैसा रहा पोल का नतीजा?

आंकड़ों की बात करें तो इस मतदान में कुल 8277 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें से ज्यादातर, यानी 94  फीसदी लोगों का मानना था कि नूंह हिंसा के लिए प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है। वहीं करीब 4  फीसदी लोगों का जवाब ‘नहीं’ था जबकि करीब 2 फीसदी लोग ऐसे थे जिन्होंने ‘पता नहीं’ का ऑप्शन चुना।