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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं कक्षा की प्रायोगिक विषयों की परीक्षाओं का आयोजन 1 मार्च से लेकर 11 जून के बीच करेगा। इसे लेकर बोर्ड ने सभी संबंद्ध स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया है। जिसमें सभी स्कूलों को प्रोजेक्ट असाइनमेंट, इंटर्नल एसेसमेंट 11 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूलों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंकों को बोर्ड की वेबसाइट पर जल्द से जल्द अपलोड करना होगा। इसके साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए निर्देश भी जारी हुए हैं।

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दसवीं और बारहवीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूलों को प्रायोगिक या इंटर्नल एसेसमेंट के लिए निर्धारित अधिकतम अंकों का ध्यान रखना होगा। 10वीं व 12वीं के प्रैक्टिकल परीक्षाओं के  विभिन्न विषयों के लिए अधिकतम 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। एनसीसी के लिए अधिकतम अंक 30 है। दसवीं और बारहवीं कक्षा की मुख्य परीक्षाएं 4 मई से शुरू होंगी और 10 जून तक सभी परीक्षाओं का समापन हो जाएगा।

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सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के दौरान कोरोना वायरस के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखना होगा। इसे लेकर सीबीएसई की तरफ से महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी स्कूलों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ ही विद्यार्थियों को भी इन नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा।

दसवीं और बारहवीं कक्षा के हर बैच की प्रायोगिक परीक्षा के बाद लैबोरेट्री को एक फीसदी सोडियम हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज करना होगा। सभी लैबों में सैनिटाइजर रहना चाहिए। इसके साथ ही ढके हुए कूड़ेदान होने चाहिए और समय-समय पर इनकी सफाई होनी चाहिए।  25 विद्यार्थियों के समूह को दो भागों बांटा जा सकता है। सभी छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा और सुरक्षित शारीरिक दूरी बनानी होगी। अगर स्कूल कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी दिशा- निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके पर 50 हजार रुपये का फाइन लगेगा।