English മലയാളം

Blog

कृषि कानूनों (Farmers Protest) के खिलाफ आज किसान रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Andolan) कर रहे हैं, इसके चलते देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. किसानों के रेल रोको अभियान के मद्देनजर रेलवे ने पंजाब, हरियाणा, यूपी, पश्चिम बंगाल पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही रेलवे सुरक्षाबलों की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की है. बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को पिछले सप्ताह रेल रोको आंदोलन की घोषणा की थी. रेल रोको आंदोलन 12 से 4 बजे तक किया जाएगा.

एक अधिकारी ने कहा कि रेल रोको अभियान के मद्देनजर रेलगाड़ियों की आवाजाही पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. एक बार जब हमें विरोध की स्थिति की तस्वीर मिल जाती है तो संवेदनशील स्थानों की पहचान हो जाती है, तो हम कार्रवाई की योजना बनाएंगे. हमारे पास लगभग 80 रेलगाड़ियां हैं जो संभावित संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरती हैं और उनमें से ज्यादातर दोपहर 12 बजे से पहले ही गुजर जाती हैं. वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा था कि किसान यूनियनें चुनावों को लेकर पश्चिम बंगाल में अपना मुद्दा उठाएंगी कि लोग उन्हें वोट न दें जो उनकी आजीविका छीन रहे हैं.

सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय भी इस आंदोलन पर नजर रखे हुए है. बुधवार को गृह मंत्रालय ने रेलवे अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी, जिसमें रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और RPF के DG ने मंत्रालय को अपनी तैयारियों से अवगत कराया था.

हापुड़ जंक्शन, गढ़मुक्तेश्वर, धौलानाऔर पिलखुवा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इन चार रेलवे स्टेशनों के लिए चार मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं.
ये संवेदनशील रेलवे रूट माने जा रहे हैं-
दिल्ली-लखनऊ रुट
दिल्ली- रोहतक-जींद-जाखल-भटिंडा लाईन
दिल्ली- पानीपत-करनाल-अंबाला लाईन
दिल्ली-मुरादाबाद-सहारनपुर-मेरठ-अंबाला
दिल्ली-पलवल-मथुरा-कोटा लाईन
 दिल्ली-पलवल-मथुरा- झांसी-लाईन
मुरादाबाद में सहारनपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों को रोके जाने की संभावना भी है. सुरक्षा के लिए RPF की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. राज्यों की पुलिस भी अलर्ट पर है.किसान संगठनों ने पिछले हफ्ते रेल रोको आंदोलन की घोषणा की थी. आज दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर में कई जगहों पर रेल की पटरियां जाम की जाएंगी. भारतीय किसान यूनियन ने अपील की है कि किसी तरह की हिंसा या यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो.

 रेलवे प्रोटेक्‍शन फोर्स यानी RPF के डीजी अरुण कुमार ने बताया, आंदोलन के मद्देनजर हमने GM के साथ आंतरिक बैठक की है. जनरल मैनेजर को कहा गया है कि लोकल स्तर पर राज्य सरकार और DM SP से संपर्क में रहें और इस बात पर नजर रखें कि कहां क्या स्थिति है.
Also read:  कृषि कानून रातोंरात नहीं लाए गए, 20-22 साल में हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी