English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली: 

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (Air Chief Marshal RKS Bhadauria) ने कहा कि हम किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. भदौरिया ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पड़ोस में खतरे बढ़े हैं. हमने भी अपनी क्षमता बढ़ाई है. हमने आर्मी के जवानों को जल्द पहुंचाया है. राफेल (Rafale) के आने से हमारी ताकत बढ़ी है. तीन साल में राफेल और तेजस (Tejas) का पूरा बेड़ा काम करने लगेगा. कोविड के दौरान भी हमने एयरक्राफ्ट को ऑपरेशनल रखा.

चीन के LAC पर विवाद के बीच वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम किसी भी चुनौती के लिये तैयार हैं. टू फ्रंट वॉर के लिये भी और पारम्परिक युद्ध के लिये भी. चीन की तुलना में लद्दाख में नहीं, बल्कि दूसरे ऑपरेशनल एरिया में तैनाती की गई है ताकि किसी भी हालात से निपटा जा सके.

Also read:  एक मार्च से 60 से अधिक उम्र और 45 से अधिक उम्र केक लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जाएगा : केंद्र

उन्होंने कहा कि वायुसेना में महिलाओं को जितने रोल में संभव है, सब में लाया गया है. अब आगे के बारे में सोचना होगा. हमें मई में पता चला चीन के मुवमेंट के बारे में. जैसे पता चला हमने तुरंत रियेक्ट किया. सेना ने किया, जो भी जरूरत थी तुरंत तैनात किया गया. पूर्वोत्तर में वायुसेना में हमारी मौजूदगी है. सुखोई है. रफाल आएगा. अगर कुछ होता है तो हम मजबूती के साथ रियेक्ट करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी हम 83 तेजस पर फोकस कर रहे हैं. अभी और राफेल लेने के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है.

Also read:  PM नरेंद्र मोदी ने चीन को दे दी है हिन्दुस्तान की ज़मीन-भारत-चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा आरोप

एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि चीन की वायुसेना को हल्के में नहीं लें. वह खुद में मजबूत है. जे-20 पांचवी पीढ़ी का है. इंजन उतना अच्छा नहीं है. हम उसी के मुताबिक तैयारी करते हैं. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं बातचीत से मामला सुलझेगा. उसी के मुताबिक करवाई करेंगे. तैनाती उसी के अनुसार की जाएगी.

Also read:  लद्दाख तनाव पर बोले US के NSA, स्वीकार करना होगा कि बातचीत से नहीं आएगा चीन के आक्रामक रुख में बदलाव

उन्होंने कहा कि तनाव के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल महवपूर्ण हो जाता है. हमला करने में खास है. अमेरिका की तैनाती उनके अपने हिसाब से है. हमारी जंग कोई और नहीं, हमे ख़ुद लड़नी होगी. लद्दाख में क्या हुआ इस बारे में बोल नहीं सकते. दोनों के जब एयर क्राफ्ट फ्लाई करते हैं तो राडार मॉनिटर करते हैं.

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि थल सेना के साथ हम हमेशा ट्रेनिंग करते हैं इसीलिए इतनी तेजी से कर पाए. लद्दाख में कभी एयर स्ट्राइक की नौबत नहीं आई, लेकिन हमारी तैयारी थी. हमे पता है कि पाक चीन पर निर्भर है.