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नई दिल्ली: 

Swami Vivekananda Birth Anniversary: महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्‍वामी विवेकानंद जी की आज जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) है. उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. भारत में उनका जन्‍मदिन ‘युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे. रामकृष्ण परमहंस से संपर्क में आने के बाद नरेंद्रनाथ ने करीब 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था. संन्यास लेने से पहले उनका नाम नरेंद्रनाथ दत्त था, लेकिन संन्यास लेने के बाद इनका नाम विवेकानंद पड़ा. स्वामी रामकृष्ण परमहंस के देहांत के बाद स्वामी विवेकानंद ने पूरे देश में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी.

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स्‍वामी विवेकानंद का जन्‍म कलकत्ता के कायस्‍थ परिवार में हुआ था. उनके पिता व‍िश्‍वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील थे, जबकि मां भुवनेश्वरी देवी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं. नरेंद्र नाथ 1871 में आठ साल की उम्र में स्कूल गए. 1879 में उन्‍होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज की प्रवेश परीक्षा में पहला स्‍थान हास‍िल क‍िया.

स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार दोनों ही प्रेरणा के स्त्रोत हैं. स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) के विचारों पर चलकर लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव आया. विवेकानंद जी ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी, जो आज भी अपना काम कर रहा है.

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स्वामी विवेकानंद इस बीमारी से थे पीड़ित
स्वामी विवेकानंद को दमा और शुगर की बीमारी थी. उन्‍होंने कहा भी था, ‘ये बीमार‍ियां मुझे 40 साल भी पार नहीं करने देंगी.’ अपनी मृत्‍यु के बारे में उनकी भव‍िष्‍यवाणी सच साबित हुई और उन्‍होंने 39 बरस की बेहद कम उम्र में 4 जुलाई 1902 को बेलूर स्थित रामकृष्‍ण मठ में ध्‍यानमग्‍न अवस्‍था में महासमाध‍ि धारण कर प्राण त्‍याग द‍िए. स्वामी विवेकानंद का अंतिम संस्‍कार बेलूर में गंगा तट पर किया गया. इसी गंगा तट के दूसरी ओर उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस का अन्तिम संस्कार हुआ था.