English മലയാളം

Blog

PM_narendra_Modi_1-1

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने यूपी शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया. ये राज्य का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे है। ये एक्सप्रेस-वे 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इससे राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी। वहीं, इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर होगी और यह गंगा एक्सप्रेस वे देश के सबसे ऊपजाऊ क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

गढ़मुक्तेश्वर में बनाया जाएगा पुल

गंगा एक्सप्रेस वे आधे से ज्यादा पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं और शाहजहांपुर जिले से गुजरेगा. फिलहाल हापुड़ और बुलंदशहर सहित अन्य जिलों के लोगों के आवागमन के लिए गढ़मुक्तेश्वर में एक अन्य पुल बनाया जाएगा. वहीं, शाहजहांपुर के आगे यह एक्सप्रेसवे हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज तक जाएगा. एक्सप्रेसवे के लिए अब 94 प्रतिशत जमीन खरीदी प्रक्रिया की जा चुकी है।

Also read:  दिल्ली बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रही केजरीवाल सरकार के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

विमानों की लैंडिग के बनाई जाएगी लिए हवाई पट्टी

गंगा एक्सप्रेस वे पर आपातकाल में वायु सेना के विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर जिले में 3.5 किमी की एक हवाई पट्टी भी बनेगी। इस एक्सप्रेसवे साथ औद्योगिक कॉरीडोर भी बनेगा। गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जब भूमि खरीदी जा रही थी, उस समय पूरे देश में कोरोना की लहर पीक पर चल रहा था। इसके बावजूद महज 1 साल में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 83 हजार किसानों से 94 फीसदी भूमि खरीदी गई है. वहीं, एक्सप्रेस वे बनने से एनसीआर तक भी लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी और इलाके के भीतरी स्टेशनों और बस डिपों से कनेक्टिविटी सुधरेगी। माना जा रहा है कि 2025 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।

Also read:  राज्यसभा चुनाव के लिए AIMIM कांग्रेस का सहारा बनेंगे, रखी ये शर्त

6 लेन चौड़ा होगा एक्सप्रेस-वे

प्रवेश नियंत्रित गंगा एक्सप्रेस-वे, मेरठ-बुलन्दशहर मार्ग (NH संख्या-334) पर मेरठ जिले के बिजौली गांव के पास से शुरू होगा एवं प्रयागराज बाइपास (NH संख्या-19) पर प्रयागराज जिले के जुडापुर दांदू गांव के पास खत्म होगा। यह एक्सप्रेस-वे 06 लेन चौड़ा होगा। इसका भविष्य में 08 लेन तक विस्तार किया जा सकेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण से नजदीक के इलाकों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योग सम्बन्धी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेस-वे कई उत्पादन इकाइयों, विकास केन्द्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में मददगार साबित होगा।

Also read:  तुर्की, सीरिया में भूकंप से 2,000 से अधिक मरे; सभी नागरिक सुरक्षित