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 ‘मां, मैं यूक्रेन में हूं। यहां एक वास्तविक युद्ध चल रहा है। मुझे डर है। हम सभी शहरों पर एक साथ बमबारी कर रहे हैं। यहां तक कि नागरिकों को भी निशाना बना रहे हैं।’

यूक्रेन में एक रूसी सैनिक ने अपनी मां को युद्ध में अपनी जान गंवाने से पहले ये मैसेज लिखा था। यूक्रेन-रूस युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक आपातकालीन सत्र में, संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत ने इस अंतिम मैसेज को पढ़ा जो यूक्रेन में एक रूसी सैनिक द्वारा अपनी मां को भेजे गए थे।

संदेश के जरीए बात करते हुए, रूसी सैनिक की मां अपने बेटे से पूछती है कि उसे आखिरी बार जवाब दिए इतना समय क्यों लगा और क्या वह उसे एक पार्सल भेज सकती है। वह जवाब देता है कि वह यूक्रेन में है और खुद को फांसी देना चाहता है। रूसी सैनिक जो क्रीमिया में जंग से कुछ दूर होने पर अपनी मां को लिखता है, ‘हमें बताया गया था कि वे [यूक्रेनी] हमारा अच्छा स्वागत करेंगे लेकिन वे हमारे बख्तरबंद वाहनों के नीचे आ रहे हैं, खुद को पहियों के नीचे धकेल रहे हैं और हमें गुजरने नहीं दे रहे हैं। वे हमें फासीवादी कहते हैं। मां, यह बहुत कठिन है।’

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इन संदेशों को पढ़ते हुए, संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत ने 24 फरवरी को रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन में मची तबाही की भयावहता की कल्पना करने के लिए सभा से कहा। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘कल्पना कीजिए कि आपके बगल में, इस महासभा में हर एक देश की हर नेमप्लेट के बगल में, पहले से ही मारे गए रूसी सैनिकों की 30 से अधिक आत्माएं हैं। हर एक देश के हर नाम के आगे।’

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की लगातार रूसी सैनिकों से अपनी जान बचाने के लिए यूक्रेन छोड़ने की अपील करते रहे हैं। यूक्रेन, युद्ध के माध्यम से अपने संदेश में, युवा रूसी सैनिकों के लिए गंभीर खतरे को उजागर करता रहा है। यूक्रेन के अनुसार, युद्ध में अब तक 4,500 से अधिक रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं।