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भारतीय स्टेट बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है. बुधवार से नई दरें लागू हो गई हैं. अब नई ब्याज दरें 0.10 फीसदी बढ़ जाएंगी. इसी के साथ प्राइल लेंडिंग रेट को भी बढ़ाने का फैसला हुआ है और यह 10 फीसदी से 12.30 फीसदी कर दिया गया है. बेस रेट में 10 बेसिस पॉइंट का इजाफा किया गया है. अब यह नई दर 7.55 फीसदी होगी.

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बेस रेट बढ़ने का असर ब्याज दरों पर देखा जाएगा. बेस रेट में वृद्धि के साथ ब्याज दरें पहले से महंगी हो जाएंगी और लोन जैसे प्रोडक्ट पर अधिक ब्याज देना होगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया बेस रेट तय करता है. कोई भी बैंक, चाहे वह प्राइवेट हो या सरकारी, बेस रेट के नीचे लोन ऑफर नहीं कर सकता है. प्राइवेट और सरकारी सभी बैंक बेस रेट को स्टैंडर्ड मानते हैं. इसी आधार पर लोन आदि दिए जाते हैं.

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स्टेट बैंक ने कहा है कि वह सभी अवधि के लेंडिंग रेट के मार्जिनल कॉस्ट में कोई बदलाव नहीं किया है. ये रेट पहले की तरह बने रहेंगे. एसबीआई का होम लोन सेक्टर में बड़ा हिस्सा है. कुल 34 फीसदी मार्केट पर एसबीआई का कब्जा है. एसबीआई करीब 5 लाख करोड़ तक का लोन बांट चुका है. एसबीआई का टारगेट है कि 2024 तक इस आंकड़े को 7 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.