English മലയാളം

Blog

n3535092821643183905414aa47b5678415f3752402905949dd9cf9a5cac56ad166cc83da111e741d9b972b

 श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन करने वाले जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

कहा कि वे भाजपा के सिंबल पर अयोध्या विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं, यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है तो ठीक है। नहीं तो मैं स्वतंत्र रुप नामांकन करूंगा। मैं टिकट नहीं मांगूंगा, मैं धर्माचार्य हूं। उन्हें मुझसे पूछने आना चाहिए। मैं किसी भी तरह से बहुमत से जीतूंगा।

परमहंस ने कहा कि हम साधु और संतों को योगी के बारे में पता चला कि वह अयोध्या विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे तो संतों में खुशी का माहौल था। लेकिन जब से बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर से टिकट दिया है तो वह निराश हैं। क्योंकि अयोध्या में कोई जनप्रतिनिधि दिखाई नहीं दे रहे हैं जो संतों की बात को उठाए और उनकी समस्याओं को सुने। लिहाजा उन्होंने चुनाव में उतरने का फैसला किया है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब मौलवियों को सरकार पेंशन दे सकती है तो साधु और संतों को सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

Also read:  देश में लगातार पांचवें दिन कोविड-19 संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी 24 घंटे में देश में 18,711 नए मामले दर्ज हुए

उन्होंने कहा कि वह संतों और संत समाज के मुद्दों पर चुनाव में उतरेंगे। कहा कि चुनाव में मेरा मुद्दा होगा कि मठों का बिजली-पानी फ्री होना चाहिए। संतों को उचित सम्मान मिले। मौलवियों को अगर वेतन मिल सकता है तो हमारे संतों को वेतन क्यों नहीं मिलता है। संतों ने देश के आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। यह तभी संभव है जब इनकी विचारधारा का एक जनप्रतिनिधि हो। गौरतलब है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर छावनी पीठाधीश्वर परमहंस आचार्य अनशन भी कर चुके हैं और वह संतो के मुद्दों पर हमेशा ही मुखर रहते हैं।

Also read:  संसद के मानसून सत्र से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को किया संबोधित, कहा- महिलाओं की सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी

बीजेपी से लड़ना चाहते हैं चुनाव
परमहंस आचार्य ने कहा कि वह अयोध्या विधानसभा से बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो ठीक है। नहीं तो वह निर्दलीय नामांकन दाखिल करेंगे। मैं टिकट नहीं मांगूंगा, मैं धर्माचार्य हूं। उन्हें मुझसे पूछने आना चाहिए। मैं किसी भी तरह से बहुमत से जीतूंगा।