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नई दिल्ली: कोरोनावायरस के बीच अमेरिका में आज यानी 3 नवंबर को अगले राष्ट्रपति के नाम पर वोटिंग होनी है. राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के बीच कड़ी लड़ाई चल रही है. यहां अब तक वोटिंग के दिन से पहले ही लाखों लोग मेल या बैलट के जरिए वोट कर चुके हैं. आज की वोटिंग से फैसला होगा कि ट्रंप को दूसरा कार्यकाल मिलेगा या फिर जो बाइडेन राष्ट्रपति बनेंगे. इस बार कोरोना के चलते वोटिंग भी अलग रहने वाली है. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका ही हुआ है. यहां अब तक 90 लाख से ज्यादा संक्रमण के कुल मामले सामने आ चुके हैं.

1. अधिकतर राज्यों में 6 am EST यानी भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से वोटिंग शुरू होगी. हालांकि, वरमॉन्ट में वोटिंग सबसे पहले शुरू होगी, वो भी 5 am EST यानी 3:30 pm IST पर. न्यूयॉर्क औऱ नॉर्थ डकोटा में सबसे पहले वोटिंग बंद होगी. यहां पर वोटर्स 9 pm EST यानी भारतीय समयानुसार बुधवार की सुबह 7:30 am बजे तक वोट डाल सकेंगे.

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2. बैलट के जरिए अब तक 93 मिलियन यानी नौ करोड़ 30 लाख से लोग वोट कर चुके हैं, जो 2016 में पड़े कुल 138.8 मिलियन का दो तिहाई है. इस साल कुछ 239 मिलियन लोग वोट डालने के पात्र हैं.

3. कुछ राज्यों में मेल-इन बैलट्स की गिनती करने में कुछ दिन या कुछ हफ्ते लग सकते हैं- जिसका मतलब है कि मंगलवार को वोटिंग बंद होने के अगले कुछ घंटों में हुई मतगणना के हिसाब से राष्ट्रपति पद के विजेता की घोषणा शायद न हो.

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4. अमेरिका में राष्ट्रपति को नेशनल पॉपुलर वोट के जरिए 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए चुना जाता है, जिसमें हर उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 का बहुमत चाहिए होता है.

5.दरअसल, हर राज्य में एक निश्चित निर्वाचन प्रतिनिधि (इलेक्टोरल कॉलेज) होते हैं. मसलन कैलीफोर्निया में 55 निर्वाचक प्रतिनिधि तय हैं, प्रांत में जिसे सर्वाधिक वोट मिलेंगे, उसी के ये सारे इलेक्टोरल कॉलेज माने जाएंगे.

6. अमेरिका के कुल 50 राज्यों में से दो को छोड़कर ट्रंप और बाइडेन में से कोई एक हर राज्य में ये इलेक्टोरल्स जीतकर वहां पर पॉपुलर वोट जीत लेगा. ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों में ही सबसे ज्यादा इलेक्टोरल्स हैं, जो यहां पर उम्मीदवारों का भविष्य तय करते हैं.

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7.डोनाल्ड ट्रंप चुनाव के आखिरी दिनों में मिशिगन, आयोवा, नॉर्थ कैरोलाइना, जॉर्जिया और फ्लोरिडा जैसे अहम राज्यों में रैलियों में लगे रहे हैं. वहीं, उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन पिछले दिन पेन्सिल्वेनिया में कैंपेन में लगे रहे.

8.जो बाइडेन, ट्रंप से कुछ 6-एक अंकों से आगे चल रहे हैं. हालांकि, माना जाता है कि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक वोटिंग वाले दिन बड़ी संख्या में वोट करते हैं, ऐसे में वोटिंग के पहले चल रही रेस में ट्रंप का पीछे होना उनकी हार को सुनिश्चित नहीं करेगा. 2016 में भी ऐसा हो चुका है, जब वो पोस्टल बैलट की रेस में पीछे थे लेकिन इलेक्टोरल्स में उनकी जीत हुई थी.