English മലയാളം

Blog

वाशिंगटन: 

अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से फोन पर बातचीत की और अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों की जवाबदेही तय किए जाने पर चर्चा की. वर्ष 2002 में कराची में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलकायदा के बीच संबंधों पर एक खबर के लिए जानकारी जुटा रहे थे. इसके बाद सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी गई थी.

Also read:  'कोई गोली नहीं मारेगा' : जम्मू-कश्मीर आतंकी के सरेंडर का नाटकीय वीडियो आया सामने

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा दोनों मंत्रियों ने अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सहयोग कायम रखने एवं क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग की महत्ता तथा हमारे व्यापारिक एवं वाणिज्यिक संबंधों को विस्तार देने की क्षमता पर चर्चा की.”इससे एक दिन पहले, ब्लिंकन ने पर्ल के अपहरण एवं उनकी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को बरी किए जाने के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा था कि यह फैसला आतंकवाद के पीड़ितों का अपमान है.

Also read:  दिल्ली पुलिस ने गूगल को टूलकिट के मामले में नोटिस भेजा , पूछा- किसने अपलोड किए टूलकिट वाले दस्तावेज, दें जानकारी

उन्होंने पाकिस्तान से अपील की थी कि वह पर्ल के हत्यारों को न्याय के दायरे में लाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करे. पाकिस्तानी अदालत ने पर्ल के अपहरण और हत्या मामले में शेख को बरी किये जाने के खिलाफ दाखिल अपीलों को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया था. उच्चतम न्यायालय ने इस सनसनीखेज मामले में शेख को रिहा करने का आदेश भी दिया. पाकिस्तानी अदालत ने पर्ल के अपहरण और हत्या में शामिल होने के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीन अन्य फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को भी रिहा करने का आदेश दिया.