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उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। बीते दिनों उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने उन्हें सभी पदों से हटाने का आदेश जारी किया था।

 

उत्तराखंड (Uttarakhand) में आज कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका लग सकता है। जहां पर 14 फरवरी को होने वाले  विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Election) से पहले कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (kishore Upadhyaya) के आज बीजेपी में शामिल होने की संभावना है। बता दें कि हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को सभी पदों से हटा दिया था। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उपाध्याय टिहरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इससे पहले, कांग्रेस ने चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की, जिसमें उपाध्याय का नाम नहीं था. इससे उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गईं।

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दरअसल, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष उपाध्याय के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह सभी पार्टी पदों से निलंबन रद्द करना चाहते थे। इस बात से उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को भी अवगत करा दिया था। विशेष रूप से, उपाध्याय को हाल ही में अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था। वहीं, चुनाव से कुछ सप्ताह पहले राज्य में घटनाओं के एक बड़े मोड़ में, कांग्रेस ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत (CM Harish Rawat) की सीट बदल दी, जोकि अब रामनगर के बजाय लालकुवा से चुनाव लड़ेंगे। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने ‘एक सीट, एक परिवार’ की अपनी नीति को धता बताते हुए हरिद्वार ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत को टिकट दिया है।

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उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी ने सभी पदों से हटाते हुए आदेश किया था जारी

गौरतलब हैं कि उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने किशोर उपाध्याय को सभी पदों से हटाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया था कि प्रदेश के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं और बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने का इंतजार कर रहे हैं। जहां पर कुशासन और बाजेपी नेतृत्व से लोगों में व्यापक गुस्सा है। इस पत्र में कहा गया कि चुनौती का सामना करना और उत्तराखंड की देवभूमि और यहां के लोगों की सेवा करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है। लेकिन दुख की बात है कि किशोर उपाध्याय को व्यक्तिगत रूप से कई चेतावनियों के बावजूद, इसमें शामिल होने का उनका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिसके चलते किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटाया जाता है और आगे की कार्रवाई लंबित है।

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