English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-08-04 101700

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। इस याचिका में विपक्षी दलों को गठबंधन के संक्षिप्त नाम आईएनडीआईए का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई है।

कार्यकर्ता गिरीश भारद्वाज ने वकील वैभव सिंह के जरिए ये याचिका दायर की है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ आज इस पर सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने चुनाव आयोग को इसको लेकर शिकायत भेजी थी। आयोग की तरफ से जवाब ना मिलने पर उसने कोर्ट का रुख किया।

Also read:  राष्ट्रपति मतगणना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष को दिया झटका, उपराष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगी TMC- अभिषेक बनर्जी

क्या है याचिकाकर्ता की दलील?

याचिका में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का हवाला दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अपने गठबंधन का नाम INDIA पर रखा है। याचिका में आगे कहा गया कि राहुल गांधी के बयान ने जनता के मन में भ्रम पैदा कर दिया है। बयान में कहा गया था कि आगामी चुनाव एनडीए और INDIA के बीच लड़ा जाएगा।

Also read:  तड़पती गर्मी के बीच दिल्ली एनसीआर को गर्मी से मिलेगी राहत, मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 24 मई तक 'लू' चलने की संभावना नहीं दिखाई देगी

राजनीतिक हिंसा का डर

याचिका में ये भी कहा गया कि विपक्षी पार्टियों ने अगले लोकसभा चुनाव में अनुचित फायदा लेने के लिए गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखा है। ऐसा करने से उकसावा हो सकता है। राजनीतिक दलों के बीच नफरत पैदा हो सकती है। इससे राजनीतिक हिंसा होने की प्रबल संभावना भी है।

Also read:  हार्दिक पटेल के पिता की पुण्यतिथि पर कई नेताओं ने शिरकत की , स्वामीनारायण संप्रदाय के साधु ने हार्दिक को किसी हिंदू पार्टी से जुड़ने की नसीहत दी, हार्दिक ने कहा- मुझसे बड़ा कोई और हिंदू नहीं, साबित करने की जरूरत नहीं

याचिकाकर्ता ने ये भी कहा कि INDIA राष्ट्रीय प्रतीक का हिस्सा है। इसका उपयोग किसी भी व्यावसायिक, व्यावसायिक उद्देश्य और राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है। राजनीतिक दलों का स्वार्थी काम आगामी लोकसभा चुनावों में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे हिंसा भड़क सकती है और देश की कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।