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बीते दिनों हुई हिंसा (UP Violence) को लेकर अब जालौन (Jalaun) प्रशासन एक्टिव नजर आ रहा है। मंगलवार को जिले में सीओ और सभी थानाध्यक्ष की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण का रिहर्सल कराया।

 

यूपी के कई जिलों में हिंसा (UP Violence) देखने को मिल रही है और अब तक 337 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी बिगडते माहौल को देखते हुए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है, जिससे आपातकालीन बिगड़ते हुए माहौल को नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए मंगलवार को जालौन (Jalaun) पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आगामी सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण की मॉक ड्रिल कराई गई। पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, एंटी राइट गन, टियर गैस, हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों को चलाने को लेकर जानकारी दी गई।

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कराया गया ये रिहर्सल

दरअसल, नुपुर शर्मा की बयानबाजी के बाद प्रदेश में माहौल गरमा गया है. प्रदेश के जिलों में जगह-जगह जुलूस निकालने को लेकर खराब हुए माहौल को देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। मंगलवार को जालौन के मुख्यालय उरई में एसपी रवि कुमार के निर्देशन में साथ चारों सर्किल के सीओ और सभी थानाध्यक्ष की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण का रिहर्सल कराया।

दंगा नियंत्रण रिहर्सल के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने को लेकर जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों से आंसू गैस के गोले छुड़वाए भी गए। एंटी राइट गन और प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन की कार्रवाई किए जाने को लेकर भी जानकारी दी गई। एसपी ने पथराव के दौरान पत्थरबाजों से निपटने और पत्थरबाजों के बीच में फंसे हुए लोगों को निकालने को लेकर जानकारी दी।

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क्या बोले एसपी

एसपी ने कहा कि ऐसी स्थिति में बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट लगाए हुए पुलिसकर्मियों को आगे आना होता है। पत्थरबाजों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए बीच में फंसे हुए लोगों को कवर करते हुए निकालने की पहली कोशिश करें। उन्होंने कहा कि पुलिस का ड्यूटी क्षेत्र एक तरह से युद्ध का मैदान होता है। यहां पुलिसकर्मी को हथियार के साथ भीड़ पर काबू पाने और साथ में खुद के बचाव के लिए सभी उपकरणों से लैस होना जरूरी है।

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वहीं, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि दंगा नियंत्रण अभ्यास पुलिसिंग का हिस्सा हैं। लोगों को सुरक्षा का एहसास कराना भी हमारी ड्यूटी है। लाठी पार्टी, गैस पार्टी से फायरिंग की टीम भी शामिल हुई थी। पुलिस फोर्स ट्रेनिंग करती रहती है ताकि किसी भी प्रकार के हालातों से निपटा जा सके।