English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-03-20 074337

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के जूनागढ़ में ज़िला बैंक मुख्यालय का शिलान्यास और कृषि शिविर में एपएमसी किसान भवन का उद्घाटन किया।

 

अमित  शाह ने अपने संबोधन में इस अवसर पर कहा कि कई उतार-चढ़ाव के बाद जूनागढ़ जिला सहकारी बैंक का यह वर्तमान स्वरूप सामने आया है। जो किसान प्राकृतिक खेती में लगे हैं, उन्हें अपनी पैदावार के अच्छे दाम मिलेंगे। देश आज़ाद होने के बाद से लगातार अलग सहकारिता मंत्रालय की मांग उठती रही और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों की इस मांग को पूरा करते हुए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा,” सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद श्री मोदी ने सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्राकृतिक खेती आने वाले दिनों में धरती माता की सेवा करने का एकमात्र विकल्प बचेगा क्योंकि लगातार डीएपी और यूरिया का उपयोग होने से 25 सालों बाद यह धरती कंक्रीट जैसी हो जाएगी।

केंचुए जैसे पॉज़िटिव बैक्टीरिया को डीएपी और यूरिया ख़त्म कर देते हैं और जिनके खेत में पॉजिटिव बैक्टिरिया होते हैं, उनके खेत में कभी जीवाश्म की समस्या नहीं आती, किसी भी प्रकार के इनसेक्ट नहीं आते और किसी भी प्रकार के कीटनाशक के छिड़काव की जरूरत नहीं होती है।”

Also read:  आर्यन खान को क्लीन चिट मिलने के बाद, NCB मुंबई के पूर्व क्षेत्रीय निर्देश समीर वानखेड़े का चेन्नई हुआ ट्रांसफर

उन्होंने कहा,” हमारे पूर्वज खेती जानते थे। लेकिन हम समझे कि यूरिया डालने से फसल बढ़ती है और ऐसा करने से हमारी धरती दूषित हो गई। अब लाखों किसान प्राकृतिक कृषि को अपना रहे हैं और उन्हें इसका फायदा भी मिल रहा है। प्राकृतिक कृषि करने से पैदावार बढ़ती है, वर्षा जल का संचय होता है, पेस्टीसाइड का उपयोग नहीं करना पड़ता और उत्पादन भी बढ़ता है, जिसके दाम भी बाज़ार में अच्छे मिलते हैं।”

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे देश में प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने का अभियान चलाया है। उनके नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तीन राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय कोऑपरेटिव सोसायटी की स्थापना की है। इन तीन सोसायटी में से दो गुजरात के किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। इनमें से एक सोसायटी के तहत प्राकृतिक कृषि करने वाले सभी किसानों के उत्पाद अमूल के पेटेंट के अंतर्गत लिए जाएंगे और उसका मुनाफा सीधा किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।

Also read:  नीदरलैंड के सांसद गिर्ट विल्डर्स नूपुर शर्मा का कर रहे समर्थन, कहा- भारत-हिंदू दोस्त अपने मूल्य बचाएं

श्री शाह ने कहा,” इस व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद हम अपनी भूमि को यूरिया और डीएपी के उपयोग से और अपने शरीर को इनके उपयोग से होने वाली कैंसर जैसी बीमारियों से बचा पाएंगे, जलस्तर ऊपर आएगा और पर्यावरण भी बचेगा। ” उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी किसान भाइयों और बहनों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से मुलाकात करें और इसे अपनाएं।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने फसल उत्पाद के निर्यात के लिए भी एक कोऑपरेटिव सोसायटी की व्यवस्था की है और इसके माध्यम से देश के किसी भी किसान के उत्पाद के निर्यात के लिए ये सोसायटी निर्यात भवन की तरह सेवा देगी और इसका लाभ सीधा किसान के बैंक खाते में आ जाएगा।

Also read:  कटारा ने चार आभासी प्रदर्शनियां आयोजित की

इस व्यवस्था के लागू होने से किसानों की समृद्धि बढ़ेगी और इसके साथ ही ये तय किया गया है कि देश की हर पंचायत में कोऑपरेटिव सेवा सहकारी मंडली बनाई जाएगी। सेवा सहकारी मंडली, डेयरी और मत्स्य उत्पादन मंडली तीनों एक ही प्रकार की सोसायटी के रूप में रजिस्टर्ड हों, इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।

श्री शाह ने कहा,” सहकारिता से ही किसानों को कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। भारत सरकार की सभी योजनाएं सहकारिता का मज़बूत स्ट्रक्चर होने से आप सभी तक पहुंचनी शुरू हो जाएंगी। मोदी सरकार आने वाले 10 सालों में देश के किसानों की आय को दोगुना नहीं, बल्कि अनेक गुना बढ़ाने के प्रति कटिबद्ध है। कृषि क्षेत्र में भी मोदी जी ने अनेक नई शुरूआत की हैं, जैसे, किसान क्रेडिट कार्ड, एफपीओ, कृषि सिंचाई योजना, एमसपी पर सबसे ज्यादा खरीदी और नये सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से देश के किसान को समृद्ध बनाया है।”